शीना बोरा हत्याकांड: सवालों के घेरे में मीडिया की भूमिका

Posted on September 8, 2015 in Hindi

By Khabar Lahariya

इन दिनों शीना बोरा हत्याकांड की चर्चा खूब हो रही है। टी.वी चैनल, अखबारों और पत्रिकाओं में तरह तरह से इस कहानी को पेश किया जा रहा है। यह मामला मुंबई की एक लड़की शीना बोरा की हत्या का है। इसकी मां का नाम इंद्राणी मुखर्जी है। जो एक बड़े चैनल के मुखिया की पत्नी है। यह हत्या 2012 में हुई थी। मगर यह मामला हाल ही में खुला।

sheena bora

जांच के दौरान कई कडि़यां खुल रही हैं। हत्या में इंद्राणी मुखर्जी अभी केवल आरोपी है। लेकिन मीडिया इंद्राणी को दोषी करार दे चुका है। बहसें हो रही हैं, जिसमें टीवीवाले पूछते हैं कि क्या कोई मां अपनी बेटी की हत्या कर सकती है? दूसरा चैनल इंद्राणी के चरित्र पर सवाल उठाता है। पत्रकर चिल्लाते हैं, तीन पतियों से पूछताछ जारी ही थी कि चैथे पति के बारे में भी कुछ सुराग मिला है। आखिर शीना का बाप कौन है?

क्या मीडिया खबरों को एक चटपटी फिल्म की कहानी बनाने का हक रखता है? इस पूरे मामले में ऐसा लगा मानो मीडिया पुलिस और फिल्म बनाने वाले निर्देशक की भूमिका में आ गया है। मीडिया के लोग इंद्राणी के चरित्र का पोस्टमार्टम कर रहे हैं। अदालत का फैसला होने से पहले ही आरोपी को दोषी बना देना क्या मीडिया की भूमिका है?

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