रेड लाईट डिस्ट्रिक्ट में दोस्ती- एक दोस्ती ऐसी भी

Posted on November 12, 2016 in Specials

यूथ की आवाज़:

‘रेड लाइट एरिया’ का नाम सुनकर मन में क्या आता है, लोगों से नहीं तो ना सही लेकिन खुद को ईमानदार होकर बताइये। खिड़की से झांकती औरतें, सेक्स, गंदगी या ऐसा ही कुछ? कभी ये नाम सुनकर किसी रिश्ते या किसी खूबसूरत दोस्ती का ख्याल आता है?
अगर नहीं आता तो ये आपकी गलती नहीं है बल्कि उस पौराणिक काल से चले आ रहे सोच की है जो हमें एक ही दिशा में सोचने के लिए मजबूर कर चुका है, और साहब आप सवाल तो उठा ही नहीं सकते तो आप दोष से परे हो चुके हैं।

कॉनवर्ज 2016 में बोलते हुए कट कथा की को-फाउंडर रितुमोनी दास ने जब बताया कि रेड लाइट डिस्ट्रिक्ट में दोस्ती और रिश्तें कैसे होते हैं तो वाकई सारे पूर्वाग्रह टूटते नज़र आएं।

 

सदियों से हमने सेक्स वर्कर्स को अपने समाज से अलग रखा है, और यही बातें अपने अगली जेनेरेशन को भी बताया है, इसलिए जब भी लोग पूछते हैं मैं अक्सर अपने आप को रेड लाइट एरिया का बताती हूं, मैं बहुत खुश हूं कि मुझे किस्मत ने ये मौका दिया कि मैं सेक्स वर्कर्स के साथ काम कर सकूं और रिश्तों के नए मायने सीख सकूं।

रितुमोनी एक इंटर्नशिप के दौरान एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में डरते-डरते जीबी रोड गईं थी। वो कहती हैं कि मुझमें हिम्मत नहीं थी कि मैं वहां जाऊं, वहां मुझे एड्स प्रेवेंशन ऑर्गेनाइजेशन के लोगों ने देखा और मुझे नौकरी देने की बात की।  और आज मैं 4000 सेक्स वर्कर्स के साथ काम करती हूं, ये कहानी संघर्ष की है, हम यहां फोर्स्ड सेक्स को ना कहने आए हैं।

पहले दिन जब वहां गई, पुलिस वाले ने मुझे कहा कि सावधान रहना, मुझे पता नहीं था कि ब्रॉथल कैसा लगता है, मैं बहुत डर गई, लोग मुझे ऐसे घूर रहे थे जैसे मैंने कुछ नहीं पहना था, मुझे लगा कि वहां औरतें एक जेल में रहती हैं, मुझे वहां एक महिला मिलीं जिन्होंने मुझे पानी पिलाया और मैंने घंटो तक उनसे बात की सेक्स वर्क के बारे में नहीं बल्कि टैगोर के बारे में, लिट्रेचर के बारे में।

मैं अगले दिन गई और सोचा कि क्या करना जाए, हमने सोचा कि एक नाटक करते हैं और IHC में हमने सेक्स वर्कर्स के साथ नाटक किया और फिर वहीं से कटकथा का खयाल आया।

हम लोगों के मन में रेड लाइट एरिया का मतलब ही बस औरते होती हैं लेकिन इसका मतलब खूबसूरत रिश्ता भी होता है।  बच्चों के बड़ा होने का वहां अलग माहौल होता है, उन्हें वहां बचपन से ही अपनी बहनों के लिए कसटमर्स लाने को कहा जाता है,लेकिन वहां बच्चे कुछ और करना चाहते थे, बच्चें वहां फोटोग्राफर बनना चाहते थे, वहीं से मुझे हिम्मत मिली कुछ भी करने कि रात भर जीबी रोड में रहने की काम करने की।

जीबी रोड में जब रितुमोनी ने एक बच्चे से पूछा कि वो क्या करना चाहता है तो उसका जवाब था मैम मैं ब्रॉथल में अपनी दिदी लोगों की स्माईल कैप्चर करना चाहता हूं, वो बहुत कम हंसती हैं।

सेक्स वर्क को लीगल करने के मसले पर रितुमोनी ने कहा कि इस मुद्दे पर सबसे ज़्यादा समझ और तर्क सेक्स वर्कर्स का होना चाहिए। जाते जाते रितुमोनी ने कहा मैं आप सभी का जीबी रोड में स्वागत करती हूं, ये आपकी सोच बदल देगा।

 

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