निजी फैसलों में दखल देने वालों को टीना डाबी का करारा जवाब-एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

Posted on November 26, 2016 in Hindi, Inspiration, Interviews, Staff Picks, Women Empowerment

जेता:

टीना डाबी साल 2015 की आईएएस टॉपर टीना डाबी एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। लेकिन इस बार अपनी शादी को लेकर। टीना उसी साल सिविल सेवा परीक्षा में दूसरा स्थान पाने वाले अतहर आमिर-उल-शफी खान से शादी करने जा रही हैं। टीना युवाओं के लिए आइकन हैं और इस बार भी उन्होंने अपने फैसले से मिसाल कायम की है। जाति और धर्म के बंधन से ऊपर उठकर टीना का ये फैसला समाज में एक उदाहरण पेश करता है। टीना और अतहर ने अपने रिलेशनशिप को पहले सोशल मीडिया पर स्वीकार किया और अब इसकी औपचारिक घोषणा भी कर दी है कि दोनों जल्द ही शादी के बंधन में बंध जाएंगे। 22 वर्षीय टीना यूपीएससी परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने वाली पहली दलित महिला हैं। टीना डाबी ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक किया है। वहीं आमिर अतहर ने आईआईटी मंडी से बीटेक किया है।

पहली नज़र में प्यार-

टीना ने बताया कि अतहर को उनसे पहली ही नज़र में प्यार हो गया था लेकिन उन्होंने इस प्रपोज़ल को स्वीकार करने में थोड़ा समय लिया। 9 नवम्बर को टीना डाबी ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर रिलेशनशिप स्टेटस अपडेट किया ‘इन अ रिलेशनशिप विद अतहर आमिर खान’। इसके बाद दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया शेयर की जाने लगी थीं। अब टीना डाबी ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि वो अतहर आमिर से शादी करने वाली हैं और दोनों की जल्द ही सगाई होने वाली है। टीना और अतहर इस समय मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

सुबह मिले और शाम को आमिर मेरे दरवाज़े पर था-

टीना और अतहर पहली बार नई दिल्ली स्थित डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनोल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) के नार्थ ब्लॉक स्थित दफ्तर में 11 मई को मिले थे। टीना ने बताया, ‘हम सुबह मिले और शाम को आमिर मेरे दरवाजे पर था।’ हालांकि टीना ने आमिर का प्रपोजल स्वीकार करने में वक्त लगाया और अगस्त में जाकर हां कहा । टीना कहती हैं, मैं आमिर को हर रोज उसकी लगन के लिए धन्यवाद कहती हूं। वो शानदार इंसान है

टीना डाबी के साथ अतहर, (फोटो-फेसबुक)
टीना डाबी के साथ अतहर, (फोटो-फेसबुक)

पैरेंट्स से कुछ नहीं छुपाया-

टीना ने बताया कि हमने हर समय अपने पैरेंट्स को एक दूसरे के बारे में इंफॉर्मड रखा। हमने कभी नहीं छुपाया। उन्होंने भी हमें सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि हम एक दूसरे के साथ वक्त बिताएं और अपना फैसला खुद लें। टीना ने बताया कि उनके और अतहर के परिवार वाले भी इस रिश्ते से खुश हैं। टीना मानती हैं कि किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ प्यार या शादी करने पर कुछ लोग अंगुली उठाते ही हैं लेकिन ऐसे लोग समाज में केवल पांच प्रतिशत होते हैं। समाज का बड़ा तबका इससे खुश ही होता है। टीना ने कहा कि फेसबुक पर ज्यादातर लोगों ने  मेरे फैसले की प्रशंसा ही की है और दूसरे धर्म के लडक़े से शादी करने का फैसला लेकर मैंने कोई गुनाह नहीं किया है।

उम्मीद है बदलाव आएगा-

टीना कहती हैं कि निश्चित तौर पर आज मैं अपना फैसला इसलिए ले पाई क्योंकि, मैं इस पोजिशन पर थी। जबकि बहुत से लोग ऐसे फैसले लेने में हिचकते हैं। मुझे बधाईयां मिल रही हैं। हर तरफ से सपोर्ट मिल रहा है। एक तरह से मैं खुद एक उदाहरण पेश करना चाहती थी। मुझे उम्मीद है कि मेरे इस फैसले से बदलाव आएगा। संविधान ही धर्मनिरपेक्षता की बात करता है। टीना से जब पूछा गया कि जब उनकी पोस्टिंग होती है और उनके सामने ऐसे मामले आए तो वह क्या करेंगी। इस पर उनका कहना था कि मैं बिल्कुल उनके साथ खड़ी रहूंगी और मैं क्या किसी भी सरकारी अफसर का फर्ज है कि वह ऐसे लोगों की मदद करें। हमारे देश का संविधान ही धर्मनिरपेक्षता पर आधारित है। संविधान इसका विरोध करने की इजाजत नहीं देता तो हम कैसे कर सकते हैं। हम ऐसे मामलों में मुंह नहीं मोड़ सकते कि हम कुछ नहीं कर सकते।

फैसले खुद करने का हक-  

सोशल मीडिया पर जब टीना और अतहर की तस्वीरें शेयर की जाने लगीं तो कुछ लोगों ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की। इसपर टीना ने कहा इन बातों से थोड़ा परेशान तो हुई लेकिन सार्वजनिक जीवन में होने की ये छोटी कीमत शायद चुकानी ही होती है। मैं और आमिर एक-दूसरे से प्यार करते हैं और हम अपने रिश्ते से बहुत खुश हैं। और एक स्वतंत्र विचार वाली आत्मनिर्भर महिला होने के नाते मुझे अपनी जिंदगी के फैसले खुद करने का हक है।

अभी लंबा सफर तय करना है-

जब टीना से पूछा गया कि दलित समुदाय से बहुत से लोग उन्हें अपना आइकन मानते हैं तो इस पर टीना का कहना था कि मैं नहीं मानती कि मैं किसी के लिए आइकन बन सकती हूं। मैंने अभी तक ऐसा कुछ नहीं किया है। कठिन मेहनत, भगवान की कृपा और किस्मत से मैं सिविल सेवा परीक्षा की टॉपर बनी। लेकिन यह बस एक परीक्षा का परिणाम था, मुझे अभी लंबा सफर तय करना है। खुद को साबित करना है। मुझे मालूम है कि दलित समुदाय से आने वाले बहुत से छात्रों के लिए इस परीक्षा में टॉप करने की बात सोचना मुश्किल है। अगर मैं ऐसे छात्रों को प्रोत्साहित कर सकूं तो यह बड़ी बात होगी।

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.