नए साल पर पिछले 2 साल से इंसाफ मांग रहा है ये परिवार

Posted by anonymous reporter in Hindi, News
December 31, 2016

31 दिसंबर 2014 लखनऊ, आलमबाग बस अड्डे के पास एक लड़के को कुछ लड़कों ने बुरी तरह रॉड से पीटा, लड़का लहूलूहान सड़क पर गिरा था। पुलिस आई ट्रॉमा सेंटर ले गई लेकिन चोट इतनी ज़्यादा थी कि जान नहीं बच सकी। अभिषेक देहरादून में पढ़ाई करता था और अपने परिवार से मिलने लखनऊ आया था।

अभिषेक की हत्या का कारण लखनऊ के एक लोकल गुंडे से उलझना बताया जा रहा है। बताया जाता है कि लखनऊ में एक ग्रुप स्कूल के छात्रों से वसूली का गैरकानूनी काम करता है। उस ग्रुप ने अभिषेक को भी अपना निशाना बनाया और जब परेशानी ज़्यादा बढ़ गई तो परिवार ने फैसला लिया कि अभिषेक की आगे की पढ़ाई देहरादून से होगी।

जब 2014 में वो लखनऊ वापस आया तो उसके कुछ दोस्तों की फिर से उस ग्रुप के साथ 31 दिसंबर की रात कहासुनी हुई। उसी रात अभिषेक अपने दोस्त के साथ न्यू इयर की पार्टी सेलिब्रेट करके आ रहा था। गुंडो के ग्रुप ने अभिषेक को पहचाना और उसके दोस्तों के साथ उसपर भी हमला करना शुरु कर दिया। अभिषेक के दोस्त अपनी जान बचाने में कामयाब रहे लेकिन अभिषेक का पीछा कर गुंडो ने आलमबाग के पास उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी।

अभिषेक के पिता भी पुलिस में है। लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी अबतक कोई न्याय नहीं मिला है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझ कर इस केस में आरोपियों पर धारा 302 बदलकर 304 लगाई ताकि उन्हें कम से कम सज़ा हो। कार्रवाई के नाम पर अबतक बस एक पुलिस ऑफिसर की निलंबन हुई।

अभिषेक के पिता ने आरोप लगाया है कि आरोपी, मुख्यमंत्री के साथ फोटो दिखाकर ब्लैकमेल करते हैं और पुलिस भी इसी वजह से उनपर हाथ डालने से कतरा रही है।

दो साल बाद भी न्याय नहीं मिलने से परिवार परेशान है और अब उम्मीद भी धुंधली होती नज़र आ रही है।

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.