2016 में आये ये पांच विवादास्पद राजनीतिक बयान

Posted by Sidharth Bhatt in Hindi, Politics
December 21, 2016

इस साल का आखिरी महीना है और कुछ ही दिनों में 2016 गुज़रे साल की बात होगी, 2016 में हम कई महत्वपूर्ण घटनाओं के गवाह बने। कश्मीर में तनाव, सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबंदी जैसे मुद्ददे इस साल ख़ास चर्चा का विषय बने। आइये एक नज़र डालते हैं हमारे नेताओं के 5 ऐसे बयानों पर जो काफी विवादास्पद रहे-

1)- “मदर टेरेसा हिन्दुओं को इसाई बनाने के उस षडयंत्र का हिस्सा थी जिसमें सेवा के नाम पर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था।”  भाजपा नेता और गोरखपुर से लोकसभा सांसद योगी आदित्यनाथ अपने बयानों को लेकर समय-समय पर चर्चा में रहे हैं। इस 18 जून को बस्ती में एक सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने भारत रत्न मदर टेरेसा के बारे में ये बात कही।

2)- “नोटबंदी के बाद नसबंदी के लिए कानून बनाए जाने की सख्त ज़रूरत है।” भाजपा के ही एक अन्य नेता और नवादा से सांसद और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of Micro Small and Medium Enterprises) के राज्य मंत्री गिरिराज सिंह उस वक्त विवादों के घेरे में आ गए, जब उन्होंने 24 अक्टूबर को हिन्दुओं से ज़्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की इसके बाद 4 दिसंबर को उनका एक और विवादास्पद बयान आया जिसमे उन्होंने नसबंदी के लिए कानून बनाने की बात कही।

3)- “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, पुलिस की आपत्ति के बावजूद सेना को नोबानो, बंगाल के राज्य सचिवालय के बाहर तैनात किया गया है, मैं यहीं हूँ ताकि लोकतंत्र की रक्षा कर सकूँ।” नोटबंदी पर केंद्र सरकार का कड़ा विरोध कर रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 1 दिसंबर को उनके इस बयान के चलते विवादों में घिर गयी जब केंद्र सरकार पर उन्होंने सेना का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

4)-  “मुस्लिम बहुल इलाकों में बैंक शाखाएँ नहीं खुल रही हैं। अगर बैंक हैं भी तो उन्हें ‘रेड जोन’ में डाला गया है, जिस कारण लोगों को लोन नहीं मिल पा रहे हैं। जहाँ ए.टी.एम. हैं वहां उनमे पैसे भी नहीं डाले जा रहे हैं।” अपने तीखे बयानों के लिए चर्चित हैदराबाद से सांसद असदुद्द्दीन ओवैसी ने नोटबंदी पर खास मुस्लिमों के साथ भेदभाव करने का केंद्र सरकार पर आरोप लगा डाला।

5)- राम मंदिर निश्चित तौर पर बनाया जाएगा, ऐसी कोई ताकत है जो इसे रोक सके। हम किसी भी वोट बैंक को लेकर चिंतित नहीं हैं। मुस्लिमों ने हमें कभी वोट नहीं दिया है और ना ही वो देंगे। इस देश में हर आतंकवादी मस्लिम ही क्यूँ है और वो भाजपा को वोट क्यूँ नहीं देते हैं? भाजपा एक देश को समर्पित पार्टी है और इसलिए मुस्लिम भाजपा को वोट नहीं देते हैं। हमें किसी ख़ास समुदाय की परवाह नहीं है।”  विवादास्पद बयानों की इसी कड़ी में पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद परवेश वर्मा ने बागपत में एक रैली में 19 दिसम्बर को कह डाला भाजपा को मुस्लिम वोटों की ज़रूरत नहीं।

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