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ट्रेन हादसे का जिम्मेदार कौन हैं?

Posted by Madhu Bhagat
January 22, 2017

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एक बार फिर ट्रेन लोगों की ज़िन्दगी में तूफान ले आयी। सुबह 8:58 पर ये खबर पढ़ी कि जगदलपुर-भुवनेश्वर की हीराखंड एक्सप्रेस आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के कुनेरू स्टेशन के पास 7 डिब्बे और इंजन पटरी से उतर गए। इस वजह 36 लोगों की मौत हादसे के वक्त हो गयी और 100 लोगों की हालत अभी गंभीर बनी हुई हैं। रोते बिलखते चेहरे अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। ये सुबह इतनी दर्दनाक होगी इसका किसी को अंदाज़ा नही था। यह इस साल का दूसरा ट्रेन हादसा है। दो दिन पहले भी काठगोदाम से जैसलमेर जा रही रानीखेत एक्सप्रेस के दस डिब्बे जैसलमेर स्टेशन के पास पटरी से उतर गए थे। इससे पहले 28 दिसंबर को भी कानपुर के पास सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस रेल हादसा हुआ, जिसमे 28 लोग घायल हुए थे तथा 20 नवंबर को इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे में 150 लोगों की मौत हो गयी। लेकिन सवाल उठता है आखिर इन ट्रेन हादसों का ज़िम्मेदार कौन है?

ये ट्रेन लोगों का काल बनकर आयी और उनको अपने साथ ले गयी। उसने यह सुबह काले पन्नों पर लिख डाली। मौत की खबर के बावजूद भी परिजनों की आंखे राह ताक रही हैं उनके इन्तजार में। वे खुद को दिलासा दे रहे है कि उनके परिजन ज़िन्दा हैं और वे जल्द लौट आएंगे और कुछ अपनों के बिछड़ने के गम में रोये जा रहे हैं, बस रोये जा रहे हैं। लेकिन इन सब से रेल मंत्रालय को कोई फर्क नही पड़ता। आये दिन होते ट्रेन हादसे रेल मंत्रालय के व्यवस्थाओं की पोल पट्टी खोल रहे हैं। इससे ये साफ़ हो जाता है कि रेल मंत्रालय पुरानी घटनाओं से कोई सबक नही ले रहा है, बस अपना ही राग गाये जा रहा है। आज ये आंसू भरी आँखे रेल मंत्रालय से पूछ रही हैं कि 36 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन हैं?

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