पंजाब के गांव की चौपाल से चुनाव का सीधा प्रसारण

Posted by हरबंश सिंह
January 21, 2017

Self-Published

पंजाब, खेती प्रधान राज्य होने के कारण, खेती की फसल के अनुसार या तो सारा गांव खेतों में होता हैं या चौपाल पर, इस चौपाल पर ताश की गट्टी और उस पर हो रहा छीप का खेल. अब, जब गेहूँ की फसल खेतों में खड़ी हैं और मार्च तक कटाई के लिये परिपक्व हो पायेगी, तब तक अक्सर चोपल और छीप का खेल होता रहेगा. ये चोपल, गाव के बीच भी होती हैं जिसे सथ लेकिन आज कल हर मोड़ पर ये ४-५-१० लोग बैठे देखे जा सकते हैं और जब चुनाव चर्चा पर हैं तो चर्चा भी चुनाव की ही होगी, यहाँ इल्जाम नहीं लगते, व्यंग होते हैं. कुछ शब्द बदल जाते हैं पर व्यंग का सिलसिला युही आज कल पंजाब में चलता होगा. तो कुछ आप के सामने लिख रहा हु, शब्द सही हैं बस पात्र मेरी मानसिकता ने चुन हुये ही.

मोड़ चाचा : ये चुनाव तो २०१४ में भी थे और आज २०१७ में भी हैं, लेकिन एक फर्क हैं ?

किल्ला: क्या फर्क हैं, चाचा ?

मोड़: इस बार, चर्चा चाय पर नहीं हो रही. और ना ही चाय गर्म हैं, अगर होती तो मेरी बुडढी हड्डियों को भी, चाय के रूप में गरमाहट मिल जाती.

काला: चाचा, मोदी जी को याद कर रहा हैं, लेकिन, नोट बंदी के चलते वह आज, हमारे पास यहाँ चाय पर कैसे आ सकते हैं, अब उनके पास, हमें चाय पिलाने  के छुट्टे पैसे कहा से होंगे.

मोड़ चाचा: वह तो ठीक हैं भतीजे, लेकिन, बंको की लाइन में खड़े होकर मेरी तो तबीयत ही खराब हो गयी. तेरे, चाचा की जेब अक्सर खाली रहती हैं, हर १०-२० रुपये के लिये, बच्चो के सामने, मेरा मतलब अपने कमाऊ बेटों के सामने हाथ फैलाना पड़ता हैं.

चरण:  चाचा, तू चाय को छोड़, ये देख, जिओ का ४जी मोबाइल इस पर लाइव समाचार और नेता का लेक्चर भी देखा जाता हैं, देख तुझे, इस पर अकाली दल बादल सरकार  द्वारा किये हुये पिछले १० साल की कार्य गुजारी दिखाते हैं. ये,विडिओ देखो, अकाली सरकार इसमें बता रही हैं की किस तरह नये स्कूल खोले गये हैं जिसकी गुणवत्ता बिलकुल प्राइवेट स्कूल की तरह हैं और यहाँ पर विद्यार्थी बिलकुल निश्शुल्क पड़ सकता हैं.

काला: चाचा, लेकिन इसने एक, बात नही बताई, की यहाँ ऐडमिशन के लिये, विद्यार्थी के ८०% रिज़ल्ट होना चाहिये. अब,आप बताओ, की किसी गरीब के बच्चे के ८०% रिज़ल्ट आता हैं, यहाँ तो मजदूर का या छोटे किसान का बच्चा, अक्सर खेतों में ही काम करता हुआ दिखाई देता हैं. यहाँ, भी गरीबों के नाम पर सब अच्छे घर के बच्चे मुफ्त पड़ाई करेंगे.

चाचा: तु ने, सच कहा, मेरे दोनों नालायक बेटों को पूरी सहूलियत दी, लेकिन कहा पड़ पाये हैं ? ८०% तो इनका रिज़ल्ट,कभी भी नहीं आया होगा.

चरण: चल छोड़ चाचा, ये विडियो  देख यहाँ, अकाली सरकार बता रही हैं, की उसने, कितनी अच्छी अच्छी सडक का निर्माण किया हैं.

किल्ला: ये सब सडक तो शहर की हैं, खासकर देल्ही अमृतसर को जोडती हुई नेशनल हाइवे १ हैं, चाचा, में अक्सर गाडी लेकर देल्ही जाता हु, इन सड़क का निर्माण तो २०१२ से पहले का चल रहा हैं और इसमें उस समय की केंद्र सरकार का भी हिस्सा था, ये राज्य सरकार ने अकेले ने, नही उसारी हैं.

चाचा: काला, कोई बात नहीं, कुछ तो निर्माण किया हैं ना शिरोमणि अकाली दल बादल की सरकार ने. लेकिन, हमारी गाव की सडक,१० साल में एक ही बार बनती हैं और पहली ही, बारिश में, इसमें बड़े बड़े खड्डे पड़ जाते हैं, अक्सर यहाँ, स्कूटर और मोटर साइकिल से लोग गिरते रहते हैं.

चरण: देख, चाचा ये विडियो देख, यहाँ बादल सरकार ने भटिंडा में तेल रिफायनरी को बड़ा बना दिया हैं और थर्मल प्लांट भी बनवाये हैं, अब बिजली नहीं जाती.

चाचा: भतीज चरण, बिजली, इसकी अभी खेतों में पानी की कहा जरूरत हैं, ये तो चावल की खेती के टाइम ही जरूरत होती हैं लेकिन तब ये बस दिन में ६-८ घंटे ही आती हैं, अब देखो हर घर में मोटर से पानी को खींचने के लिये gernatorलगा रखा हैं. और तेल खाने, से, हम किसान को क्या फायदा, तेल तो उसी कीमत पर मिलेगा.

चरण: चाचा, तू तो हर बात पर राज्य सरकार की गलती निकालता हैं. बाकी को भी, कुछ क्यों नहीं बोला जाता.

चाचा: भतीजे चरण, बादल सरकार पिछले १० साल से सकता में हैं, तो जवाब देही इसी की ही होगी. लेकिन, काला, भाई अब बहस का मुद्दा, दूसरी पार्टी पर लेकर जाते हैं. अरविंद केजेरिवाल क्या कह रहा हैं?

काला: चाचा, वह कहता हैं अगर आप सकता में आ गयी तो नशे के व्यापारियों को, कुछ ही समय में, जेल में डाल देगा.

चाचा: देल्ही, में भी तो ये ही बोलता था, कुछ हुआ वहा पर.

चरण: क्या बात हैं चाचा, काला दे जवाब.

काला: वहा, अरविंद जी कहते हैं की उन्हें मोदी जी कुछ नहीं करने देते, इसलिये, लेकिन यहाँ ज़रुर करेंगे.

चाचा: तो यहाँ, उन्हें काम करने की आजादी होगी ?

काला: चाचा, एक मौका तो दो.

चाचा: कैप्टेन, कांग्रेस पार्टी किया कहती हैं

किल्ला: चाचा, कांग्रेस ने कहा हैं की कांग्रेस बहुत सारे रोजगार के मौक़े तलाश करेगी.

चाचा: मुश्किल हैं, लेकिन देखो क्या कर सकते हैं. अरे, वह कोन, रामू जा रहा हैं, जो बिहार से आया हैं.

किल्ला: हां, चाचा, रामू ही हैं. रामू, यहाँ आ, चाचा बुला रहा हैं.

चाचा: रामू, नितीश जी का क्या हाल हैं ?

रामू: बहुत, बढ़िया, सब अच्छा काम करते हैं.

चाचा: अरे, उन्हें भी अपने साथ ले आता, उनकी तरह एक इमानदार छवि का नेता आज पंजाब को भी चाहिये, चल कोई नहीं, २०२२ में ले आना.

आज, पटना साहिब में इतने बडी धूम धाम से प्रकाश उत्सव का आयोजन करने से, नितीश कुमार की पंजाब में लोक प्रियता अपने चरण पर है, अगर, यहाँ, उन्हे किसी सीट से खड़ा किया जाता तो यकीनन वह जीत जाते, लेकिन ये, चर्चा तो २०२२ में नितीश कुमार को में पंजाब लाने के साथ ही खत्म हो गयी, लेकिन २०१७ में पंजाब सरकार का ताज कोन पहनता हैं ये देखना होगा, बस, मार्च तक, इंतजार कीजिये, अभी, तक सभी पार्टियों ने, अपने अपने, चुनाव घोषणा पत्र जारी तो कर दिये हैं लेकिन किस पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलता है और ये हकीकत में ये २०२२ तक कितना सच जमीन पर दिखा सकती हैं, ये देखना होगा. धन्यवाद.

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