राष्ट्रीय दलों ने चुनाव आयोग को सौंपी अधूरी जानकारी

Posted by Lalit Mohan Belwal
January 25, 2017

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चुनावी सुधार की हिमायत करने वाली राजनीतिक पार्टियों की कथनी और करनी में अंतर नज़र आता है। हाल ही में वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान विभिन्न स्रोतों से प्राप्त 20 हजार रूपये से अधिक के चंदे का ब्यौरा राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव आयोग को सौंपा। कांग्रेस व भाजपा ने चुनाव आयोग को अपने कुछ दानदाताओं के पैन नम्बर का विवरण नहीं दिया। वहीं सीपीआई, सीपीएम और तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को सौंपी अपनी रिपोर्ट में दान के माध्यमों का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया।

चुनावों व राजनीतिक सुधार के लिए कार्यरत संस्था ‘नेशनल इलेक्शन वॉच’ और ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2015-16 में बीस हजार से अधिक रकम में कांग्रेस को 918 दानदाताओं ने 20.42 करोड़ का चंदा दिया। जिसमें से कांग्रेस ने 318 दानदाताओं के पैन नम्बर की जानकारी नहीं दी। इन्होंने कांग्रेस को 8.11 करोड़ का चंदा दिया। इसमें से 3.99 करोड़(49 प्रतिशत) व्यक्तिगत दानियों ने तथा 4.12 करोड़(51 प्रतिशत) कॉरपोरेट दानदाताओं ने दिए। केन्द्र में सत्तारूढ़ दल बीजेपी को 20 हजार से ज्यादा की रकम में 613 दानदाताओं की ओर से 76.85 करोड़ का चंदा मिला। जिसमें से भाजपा ने चुनाव आयोग को अपने 71 दानदाताओं के पैन का विवरण नहीं दिया। इनसे भाजपा को 2.19 करोड़ का चंदा मिला। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कुल 82 दानदाताओं के पैन नम्बरों का ब्यौरा नहीं दिया जिन्होंने पार्टी को 1.13 करोड़ रूपये का दान दिया। साथ ही पार्टी ने उन 13 राज्य सचिवों के नाम व पैन नम्बर भी घोषित नहीं किए जिन्होंने पार्टी को 59.68 लाख का चंदा दिया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(सीपीएम) ने अपनी दान रिपोर्ट में 61 दान के माध्यमों का ब्यौरा उपलब्ध नहीं किया है। सीपीआई ने 71 दान के माध्यमों की जानकारी नहीं दी जिनसे पार्टी ने 1.19 लाख इकट्ठा किए। तृणमूल कांग्रेस ने भी 12 दान के माध्यमों के बारे में नहीं बताया जिनसे पार्टी को 65 लाख रूपये मिले। पार्टियों को योगदान के माध्यम में चेक/ डीडी नंबर, बैंक का नाम, चेक/ डीडी प्राप्ति की तारीख या नकद/ बैंक हस्तांतरण की जानकारी देना अनिवार्य हैं।

राजनीतिक पार्टियों को बीस हजार से अधिक चंदा मिलने की स्थिति में चुनाव आयोग को दानदाता का नाम, उसका पैन नम्बर और दान के माध्यम की जानकारी देना जरूरी हैं।

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