वादों की सेल लगी है, घी वाला लो तो कुकर वाला फ्री

Posted by Nilesh Mishra
January 27, 2017

Self-Published

फ्री का माल किसे पसंद नहीं है| शायद ही कोई ऐसा होगा जिसका मन ‘बाई वन गेट टू’ देखकर मचल ना जाता हो| अक्सर हम चायपत्ती के साथ चम्मच, अगरबती के साथ माचिस, पैंट के साथ बेल्ट और मोबाइल के साथ फ्री इयरफोन जैसी चीजों के लिए लालायित दिखते हैं| कई बार तो फ्री वाले माल के चक्कर में ज्यादातर ग्राहक क्वालिटी से भी समझौता कर ही लेते हैं|

ये फ्री वाला सारा झमेला कम्पनियां अपने सस्ते और कम गुणवत्ता वाले माल को टिकाने के लिए शुरू करती थीं लेकिन अब यही बिजनेस का मेन फंडा है|इसी क्रम में रिलायंस जियो ने बड़ी-बड़ी टेलीकाम कंपनियों की खटिया खड़ी कर दी है| एकतरफ बौखलाहट में कम्पनियां कोर्ट का दरवाजा खटखटा रही हैं तो दूसरी तरफ खुद को कम्टीशन में बनाए रखने के लिए एक निश्चित दाम में सभी फ्री वाला प्लान लेकर आ गए हैं|
पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं| उपभोक्तावाद यहाँ भी हावी हो रहा है| हाँ उपभोक्तावाद ही कहना चाहिए क्योंकि अब चुनाव और राजनीति समाज सेवा के लिए नहीं की जा रही है| सीधी बात गिव एंड टेक पर पहुँच गई है| एक हाँथ लो और वोट दो फिर पांच साल सवाल मत उठाओ| नेताओं की नजर से देखा जाय तो ये सही भी है क्योंकि जब आपने अपने वोट के बदले कुछ पहले ही ले लिया है तो आप फिर किस मुंह से कुछ और मांगने पहुँच जाते हैं|
नई तरह की राजनीति करने और राजनीति को बदलने की बात करने वाले अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली में फ्री पानी और बिजली का वादा करके सत्ता हासिल की तो बाकी लोगों को भी ये फार्मूला हिट दिखा| अब चुनावों में लैपटॉप, फ्री स्मार्ट फोन, फ्री देशी घी, फ्री अनाज, फ्री प्रेशर कुकर और ना जाने क्या-क्या देने का वादा किया जा रहा है| जाहिर है ये फार्मूला हिट भी रहेगा| और हो भी क्यों ना जब चुनाव जीतने का ये फार्मूला पहले से ही फेमस है|

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