सोशल मीडिया पर छलका जवानों का दर्द

Posted by Madhu Bhagat
January 19, 2017

Self-Published

लगातार सोशल मीडिया पर आ रही जवानों के शिकायती वीडियो से ये साफ हो जाता है कि हमारे देश के वीरों को दो वक्त की रोटी भी उचित रूप से नही मिल सकती । वो जवान, जो देश के लिए कवच का काम करते है । जिनके वजह से हम अपने घर पर चैन से सो पाते हैं । जो हमेशा अपनी जान में बाजी लगाने के लिए तैयार रहते हैं किसके लिए? सिर्फ और सिर्फ देश के रक्षा के लिए । हमारी रक्षा के लिए । हाल में आयी जवानो की वीडियो से सरकार की पोल पट्टी खुल रही है । लेकिन जनरल,विपिन सिह रावत का बयां बेहद डराने वाला है । उन्होंने कहा कि सैनिक अपनी शिकायत सोशल मीडिया पर न बोले,अगर जिसने भी इस नियम का उल्लंघन किया उसे सजा दी जायेगी ।
फौजी, जिनके लिए उनका देश ही उनका माता,पिता,भाई,बंधु सब कुछ हैं। वे सीमा पर खड़े जिंदगी और मौत की लड़ाई देश की शांति के लड़ते हैं । उस देश के लिए वे अपने जान की बाजी लगाने में भी नही कतराते, तो सरकार क्यों उनकी बातो को सुनने से कतरा रही हैं ।
मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि आपके नजरों में सैनिक क्या हैं, जिसे बोलने की कोई आजादी न हो । क्या यही है एक सैनिक। क्या यह सही है कि किसी जवान अपनी बातों को रखने पर सजा का फरमान सुना दिया जाए । हमारे संविधान में सभी को अपने विचारों को सबके सामने जाहिर करने की स्वत्रन्ता मिली है,तो क्यों इस आजादी को हमारे देश के वीरों से छीना जा रहा है । आखिर क्यों ? क्या उन्हें अपनी बात रखने का हक नही है? ऐसा प्रतीत होता हैं जैसे सरकार के लिए फौजी का दर्द कोई मायने नही रखता, बल्कि उन्हें अपनी बात रखने पर सजा का ऐलान कर दिया जाता है ।

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