झम्‍मन विरोधी सरकार

Posted by Sunil Jain Rahi in Hindi, Politics
January 20, 2017

झम्‍मन ऑफिस से बस के लिए दौड़ पड़े, लेकिन बस उनसे पहले दौड़ गई और दिखाई दिया केवल बस का पिछला हिस्‍सा। जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था-आसपास शराब न पिएं। अभी नोटबंदी के गम से बाहर निकल भी नहीं पाए थे कि ये पढ़कर झम्‍मन का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

क्‍या मज़ाक बना रखा है। प्‍लास्टिक के कप का उपयोग न करें, सड़क किनारे दारू न पिएं, सड़क किनारे फुटपाथ को हफ्ता देने वालों ने घेर रखा है, तो आखिर बन्‍दा कहां बैठकर पिए। फुटपाथ पर बैठकर पीता है तो सल्‍लू भाई का भरोसा नहीं कौन सी बीएमडब्‍ल्‍यू कार में आकर दारू सहित निगमबोध घाट पहुंचा दें। सड़क के बीच पी नहीं सकते, पार्क में पी नहीं सकते, पार्क में इश्‍क लड़ा नहीं सकते, क्रिकेट खेल नहीं सकते, पार्टी कर नहीं सकते, तो आखिर बन्‍दा पार्क में क्‍या झक (मक्‍खी) मारने जाएगा।

दारू बंद करने वाले खुद संसद मार्ग पर बिल्डिंग के गेट नं-2 से चुस्कियां लेकर आराम से स्‍कूटर दबा के निकल जाते थे, हमारी बारी आई तो संसद सड़क ही बंद करवा दी। धूमिल को भी शायद ऐसा ही कोई गम रहा होगा, जो ”संसद से सड़क तक” लिखकर सारी भड़ास निकाल ली।

एक ही चीज है जो हर समय आपका साथ देती है। पत्‍नी, भाई, बेटा, भतीजा ये तो आपका साथ छोड सकते हैं, लेकिन दारू मरते दम तक आपका साथ नहीं छोड़ेगी। चाहे दाल में दवा डालो या कान में, कुछ नहीं होगा। दारू नहीं छूटेगी। जिसने भी शराब पीकर एक्टिंग की वह हिट हुआ। देवदास से लेकर शराबी बच्‍चन तक शराब आपको गटर से लेकर गुम्‍बद तक पहुंचा सकती है। दारू से प्रेम करो तो वह आपको सड़क से उठाकर हवाई जहाज में बिठा सकती है। (माल्‍या द ग्रेट)

लो हम ये सब छोड़कर सन्‍यासी बन जाते, लेकिन सन्‍यासी बनने वाले भी करोड़ों में खेल रहे हैं। सड़क पर नहीं, उसके आसपास नहीं, पार्क में नहीं, होटल में नहीं, लेकिन आश्रम तो हैं ना। सबके सब झम्‍मन के पीछे पड़े रहते हैं। केरल, बिहार अब तो उत्‍तराखंड तक झम्‍मन की दारू बंद कर दी। झम्‍मन के घर में शादी हो, ब्‍याह हो या फिर मुर्दे को नर्मदा जी में फूंक कर आए हों, वो ठर्रा (देसी दारू) नहीं पी सकता। विदेशी पीने की औकात नहीं है। अरे झम्‍मन की दारू बंद करके तुम्‍हें कौन सा पुण्‍य मिल जाएगा। जो विदेशी पीते हैं, उनकी औकात नहीं कि वे सड़क के किनारे खड़े होकर पी सकें या पार्क में पी सकें।

चलो ठीक है हम न पार्क में पिएंगे, न सड़क पिएंगे, न सड़क किनारे पिएंगे, न गाड़ी में बैठकर पिएंगे यानी कि दारू पीना है तो घर में बैठकर पिओ। पहले बड़े आराम से गाड़ी में बैठकर महबूबा के साथ बैठकर, उसके हाथों से पीते थे, उन्हे हमारी ऐशोआराम की ज़िंदगी भी नागवार गुज़री और काले शीशे, सफेद करवा दिए। अब नंगा नहाएगा तो भी दिखाई देगा। निचोड़ने की बात तो बहुत दूर की है। काले धन से काले शीशों के भीतर काली बॉटल की दारू और काली करतूतें करते थे, उन्‍हें भी सफेद बनाने की मुहिम चल पड़ी। गांधी ने रंग भेद का विरोध किया था। काले-गोरे का भेद नहीं किया और करने वालों का विरोध किया। अब तो हर कोई गोरा बनाने की मुहीम में जुटा है। हम तो तब जाने जब यमराज के वाहन को भी कोई किसी भी क्रीम से गोरा करके दिखा दे। पूर्णिमा के दिन दिवाली मना के दिखा दे। राष्‍ट्रपति बदल सकते हो, लेकिन रंग नहीं।

चलो ठीक है हम दारू बंद कर देंगे। सड़क किनारे या और कहीं नहीं पियेंगे। लेकिन जब मुहल्‍ले वालों को मालूम पड़ेगा कि झम्‍मन आज बिना पिए घर आया है, झम्‍मन तो शर्म से मर जाएगा। अगर घर में बैठकर दारू पी और हंगामा नहीं किया तो कैसे मालूम पड़ेगा कि झम्‍मन साहब घर आ चुके हैं। पीने के बाद सभी साहब हो जाते हैं। झम्‍मन की दुश्‍मनी निकालने का नायाब तरीका भी बेकार हो जाएगा। रात को दारू के नशे में गाली सुनाओं और सुबह कह दो साहब मैं नशे में था, माफ करना।

अब सवाल यह है कि झम्‍मन की दारू बंद हो गई तो 56 इंची मोटे पेट वाले पुलिस वालों का क्‍या होगा? दारू बंद तो अपराध बंद, प्‍लास्टिक बंद तो गंदगी बंद, गंदगी बंद तो यमुना साफ। अगर ये सब हो गया तो दिल्‍ली साफ-सुथरी और अपराध मुक्‍त हो जाएगी। अगर दिल्‍ली अपराध मुक्‍त हो गई तो साहब की जेबें कैसे भरेंगी? शायद यही कारण है सरकार दोहरे राजस्‍व कमाने के चक्‍कर में प्‍लास्टिक के बर्तन (कप-प्‍लेट) बंद कर रही है, सड़क और सार्वजनिक स्‍थान पर दारू पीना बंद कर रही है, लेकिन न दारू की दुकान बंद कर रही है न प्‍लास्टिक बनाने की फैक्‍ट्री। दोनों हाथों में लडडू सरकार के और परेशानियों का टोपला (टोकरा) झम्‍मन के सर पर। अब झम्‍मन नहीं रह पाएंगे, क्‍योंकि अब दारू भी दवा नहीं रही।

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.

हर हफ्ते Youth Ki Awaaz हिंदी की बेहतरीन स्टोरीज़ अपने मेल में पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें।