नडाल का फैन हूं लेकिन फेडरर के बैकहैंड का जवाब नहीं

Posted by Vivek Chaudhary in Hindi, Sports
January 29, 2017

हालांकि मैं राफेल नडाल का फैन हूं लेकिन ये मानने में कोई गुरेज़ नहीं कि ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल मैच में आज रॉजर फेडरर नडाल पर बीस थें। नडाल को क्ले कोर्ट का किंग कहा जाता है। फेडरर किंग ऑफ क्लास के नाम से सराहे जाते हैं। आज के मैच के बाद अगर उन्हें किंग ऑफ कमबैक कहा जाए तो हैरानी नहीं  होगी।

आज के मैच में राफेल शुरु से ही अटैकिंग नज़र आए। दोनो ही दिग्गजों के लिए ये कमबैक सीज़न रहा है। और अगर फाइनल में 14 और 17 ग्रैंडस्लैम जीतने वाले लेजेंड आमने सामने हों तो इससे बेहतर दृश्य की कल्पना शायद ही कोई टेनिस फैन कर सकता है। दोनों ही खिलाड़ी 30 साल पार कर चुके हैं। इस उम्र में भी दोनों में से कोई भी अपनी बादशाहत को यूंही समर्पित नहीं करना चाहता था। इसका प्रमाण कोई मांगे तो बताइयेगा कि ये मैच 3 घंटे 40 मिनट लंबा चला।

पहला सेट 6-4 से फेडरर के नाम रहा। इस सेट में ना सिर्फ फेडरर ने नडाल की सर्विस ब्रेक की बल्कि ऐस मारने की अपनी अद्भुत काबिलियत को भी दुबारा दिखाया। नडाल ने बेहतरीन फोरहैंड खेल से वापसी करते हुए 6-3 से दूसरा सेट अपने नाम किया। लेकिन फेडरर आज शुरु से ही अटैकिंग मूड में थे और तीसरे सेट में 6-1 से नडाल को शिकस्त देकर रोमांचक मैच का संकेत दे चुके थे। चौथे सेट में नडाल ने गेम का कंट्रोल वापस अपने हाथ में लिया। फेडरर के अटैक पर उनका डिफेंस भारी पड़ा। 6-4 से ये सेट नडाल के हाथ गया।

मैच बराबरी पर था। और इसबार नडाल आक्रामक थे। आखिरी सेट में नडाल 3-1 से आगे थे और ऐसा लग रहा था कि इस मैच का परिणाम नडाल के 15वें ग्रैंडस्लैम के रूप में आएगा। अगर आप इस वक्त मैच लाइव देख रहे थे तो आपने यहां से फेडरर के गेम में अचानक एक चेंज नोटिस किया होगा।

फेडरर फिर से सर्विस को ऐस में बदलने में कामयाब रहे। फेडरर ने सर्व और वॉली की मदद से अपने सर्विस को होल्ड किया। अब बारी नडाल के सर्विस की थी। रैलिज़ लंबी और तेज़ होती गई। अगर पिछले एक दशक में आपने टेनिस को थोड़ा भी फॉलो किया होगा तो फेडरर के बैकहैंड की कहानियां ज़रूर सुनी होंगी। अगर आप वाकई देखना और समझना चहते हैं कि फेडरर का बैकहैंड कितना जादुई है तो आज के मैच के आखिरी सेट का रिप्ले देखिए। बेहतरीन बैकहैंड से नडाल की सर्विस ब्रेक हो चुकी थी।

अक्सर दबाव में श्रेष्ठता भी बिखरने लगती है और नडाल के आखिरी सेट का खेल इस बात का प्रमाण है। 2-0 से पिछड़ने के बाद अब फेडरर 4-3 से आगे थे। फेडरर ने नडाल की अगली सर्विस भी ब्रेक की। अब फेडरर चैंपियनशिप के लिए सर्व कर रहे थे और लास्ट गेम ड्यूस तक पहुंचा। नडाल के हाथ भी एक ब्रेक प्वाइंट आया लेकिन फेडरर के ऐस का जवाब आज उनके पास नहीं था। आखिरी प्वाइंट पे फेडरर ने क्रॉस कोर्ट फोरहैंड मारा। नडाल ने रिव्यू मांगा और रिव्यू का नतीजा और ऑस्ट्रेलियन ओपन का ख़िताब दोनो ही फेडरर के हक में आया।

रॉजर फेडरर के लिए 2012 विंबलडन के बाद ये पहली ग्रैंडस्लैम जीत थी। फेडरर के नाम अब 18 ग्रैंडस्लैम हो चुके हैं जिनमें से 5 ऑस्ट्रेलियन ओपन टाइटल हैं।

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