सऊदी की बुर्के वाली महिलाएं कह रही हैं ‘काश सारे पुरुष गायब हो जाएं’

सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर देखा और शेयर किया जा रहा है। यह एक म्यूज़िक एलबम है जिसे सऊदी अरब की ही एक निजी कंपनी ने फिल्माया है। तीन मिनट के इस वीडियो में कुछ बुर्का पहने महिलाएं सऊदी अरब के #guardianship कानून की धज्जियां उड़ाती दिखायी गई हैं। आपको बता दें कि इस कानून के अंतर्गत सऊदी अरब में महिलाओं को बिना पुरूष बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है। ना वो ड्राइव कर सकती हैं, ना नाच-गा सकती हैं। अकेले बाहर निकल जाना तो दूर की बात है।

क्या है वीडियो में

इसी दकियानुसी कानून की खिल्लियां उड़ाता है यह वीडियो। वीडियो की शुरूआत में ही तीन बुर्का पहने महिलाएं कार में बिना पुरूष बैठी नज़र आती हैं।  वहीं बगल के एक दूसरे कार में कुछ पुरूष बैठे होते हैं जो उन महिलाओं को देखकर पहले हैरान होते हैं फिर ऐसा ना करने की नसीहत देते नज़र आते हैं। वो उन्हें रोकते हैं, उनकी मर्यादाओं की सीमा का याद दिलाते हैं, मगर वो नहीं मानती। वो नाचती हैं, गाती हैं, बास्केट बॉल खेलती हैं, सड़कों पर खुलकर स्केटींग भी करती हैं। ऐसा करते हुए वो घूरते मर्दों की परवाह तक नहीं करती बस अपने मन का किये जाती हैं।

वीडियो में अमेरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉन्लड ट्रंप को भी दिखाया गया है। उन्हें दिखाने के पीछे का मकसद उनकी सेकसिस्ट प्रवृत्ति हो सकती है जिसे हम सभी ने इलेक्शन्स के दौरान महसूस किया। इसे दिखाने का एक और कारण ये भी हो सकता है कि अमेरीका जैसे प्रगतिशील देश का राष्ट्रपति अब एक ऐसा शख्स है जो औरतों के लिए ऐसी मानसिकता रखता है।

वीडीयो का पहला हिस्सा बड़ा ही मज़ेदार है। बुर्का पहने महिलाओं को यूं रोड पर मस्ती करते देखना बड़ा ही दिलचस्प लगता है मगर दूसरा हिस्सा आपको अचंभे में डाल देगा। एक वक्त के लिए आप डर जाएंगे। दूसरे हिस्से में औरतें थोड़ी मायूस हो जाती हैं। यूं तो गाने के बोल समझना मुश्किल हैं मगर इमोशन अच्छे से समझ आते हैं। जब भाषा पल्ले ना पड़े तो एक-दूसरे की बातों को समझने के लिए हम इमोशन्स का ही सहारा लेते हैं। वीडीयो में औरतें कहती हैं – काश! इस दुनिया के सारे पुरूष कहीं गायब हो जाते। ये हमें मानसिक रूप से बीमार कर देते हैं।

क्या है हालात

स्थिती कितनी भयावह है , गाने के इस बोल से बखूबी पता चलती है। वो तबका इतना निराश, इतना हताश हो गया है कि बस यही चाहता है कि जो दूसरा तबका है जो उसे मानसिक रूप से बीमार कर रहा है,नष्ट हो जाये। बस कहीं गायब हो जाये। ताकि वो खुलकर सांस तो ले सकें। धूप में खिलखिला सकें। कार में बैठ अकेले सफर पर निकल जाएं। बास्केट बॉल की कोर्ट में चहलकदमी करें। थोड़ा नाचे- थोड़ा गुनगुनाएं। पर सऊदी अरब जैसे पुरूष प्रधान देश में, यह कल्पना करना भी बेइमानी है।

महिलाओं को लेकर ऐसी कट्टरपंथी मानसिकता रखने वाले इस देश में औरतों का यूं खुलकर विरोध प्रकट करना , यह साफ दिखलाता है कि अब पानी सर के ऊपर चला आया है। बराबरी, आज़ादी, समान अधिकारों की जो लहर चल रही है इसकी सुलग वहां भी लग गई है। भले ही उनमें अभी उतनी हिम्मत नहीं आई कि इसका खुलेआम विरोध कर सकें मगर इस कट्टरपंथी के खिलाफ उठाया यह छोटा कदम भी काफी सराहनीय है।

एक म्यूज़िक एलबम के सहारे ही सही मगर उन्होंने अपनी इच्छाओं को दुनिया के सामने ज़ाहिर तो किया। अपनी आज़ादी की मांग तो रखी। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। काफी लोगों ने महिलाओं की इस कोशिश को सराहा और ट्विटर पर #Theendofguardianship हैशटैग के साथ शेयर भी किया। बाकि कुछ मर्द हैं जिनकी इगो को कस के धक्का भी लगा है- इसलिए यह वीडियो उन्हें अपमानजनक लगी। मुझे तो कहीं से नहीं लगी खैर जो माहौल की गंभीरता को समझने की समझ भी नहीं रखते उनसे क्या उम्मीद करना। इगो है, हर्ट हो जाती है। जैसे अभी हमारे देश में भी हुई थी। #Notallmen काफी ट्रेंड में था। वीडियो देखते जाइए शायद आपको भी हिम्मत मिले इन्हें देखकर।

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