असल मुद्दों पर चर्चा की कमी।

Posted by Vikram Singh
February 24, 2017

Self-Published

उत्तर प्रदेश में चुनाव के कारण चुनावी रैलियां तथा चुनावी चर्चा जोरों पर है | हर कोई अपनी पार्टी व अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखे हुए है | लेकिन इन चुनावी रैलियों व चर्चाओं में किसान व गरीबों के मुद्दों को छोड़कर ऐसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है जिसका विकास व अन्य आवश्यक मुद्दों से कोई लेना देना नहीं है | ऐसी निम्न स्तर की चर्चा बड़े बड़े नेताओ से सुनकर गरीब जनता भ्रम की स्थिति में आ जाती है | ऐसे भाषणों को सुनकर गरीब तथा किसान वर्ग अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है| किसानो का मानना है कि यदि चुनाव के समय में भी उनके अधिकारों व उनकी समस्यों की चर्चा नहीं होगी तो कब होगी | यदि नेताओं के भाषण पर गौर करे तो पाएँगे कि एक सुनियोजित तरीके से नेता जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाकर ऐसे मुद्दों को हवा दे रहे है जिनसे न तो आम जनता का भला होने वाला है और न ही किसान व गरीबों का | आज जरूरत है कि नेता उत्तर प्रदेश में शिक्षा के मुद्दे से लेकर विकास के मुद्दे पर ज्यादा से ज्यादा चर्चा करें | उत्तर प्रदेश में गरीबे कैसे दूर की जा सकती है नौकरी की भर्ती को कैसे पारदर्शी बनाया जाये तथा बढती बेरोजगारी पर कैसे नियंत्रण किया जाये इन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. उत्तर प्रदेश की समस्या केवल उत्तर प्रदेश की समस्या ही नहीं है बल्कि देश के अन्य प्रदेशों में भी इस प्रकार की समस्यायें मौजूद है| सिर्फ पार्टी व सरकार बदल जाने से समस्यों का समाधान नहीं होगा ऐसे में यह जरूरी है कि नेताओं को ऐसी नीतियों की चर्चा करनी चाहिए जिससे देश की अहम् समस्याओं का समाधान किया जा सके |

विक्रम प्रताप सिंह, इटावा

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