पत्रकार का जीवन में महत्व

Posted by anzar hashmi
February 19, 2017

Self-Published

क्या आप कभी सोचते है की एक पत्रकार की आवश्यकता कितनी होती है? हमारे जीवन में कोई भी छोटी से ले कर बड़ी खबरे हम तक पहुंचाने वाला एक पत्रकार ही होता है । देश में परिवर्तन लाने में एक पत्रकार की अहम भूमिका होती है जिसको वे पूरी ईमानदारी से निभाते हैं।

जब हम बात करे अत्याचारो की जो पत्रकारों के साथ होते आये है और कितने पत्रकारों की जान जाती है और धमकिया मिलती है इसको समझना बहुत ही एहम है और ऐसा क्यों होता है इनके साथ इसका जवाब कौन देगा सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे की कम से कम पत्रकारों को थोड़ी सुरक्षा मिल जाए सरकार है और जो उनका हक़ है लेकिन सदैव ऐसा होता रहा है और भविष्य इसको रोकना आवश्यक है क्योंकि खबर का आधार ही असुरक्षित होगा तो इसे पत्रकारिता को कितना नुक्सान पद सकता है  कौन ऐसे गलत काम को अंजाम देता है अंग्रेजी में कहावत है प्रिवेंशन इस बेटर थान क्योर मतलब है की बचाव ज़्यादा बेहतर है इलाज से तो कहने का तात्पर्य या है की हमे उनको सुरक्षित करना होगा जो खबर समाचार का आधार है और जिसके बिना जनसंचार अधूरा है हिंदी पत्रकारिता हमारे देश में बहुत प्रभावशाली है जो १८२६ मई ३० कलकत्ता से जो की दौर आज़ादी से पहले का है और जो की बहुत सी अनकही और अनसुनी कहानियो का इतिहास बयान करता है जिसको वर्णन करने के लिए शब्द ही काफी नई आज २१स्ट सदी में देश में पत्रिकारिता में बहुत सुधार हुआ है क्योंकि पहले सोशल मीडिया जैसा प्लेटफार्म नहीं मौजूद था लोगो तक अपनीt बात पहुचाने का हर पत्रकार आम आदमी की ज़िन्दगी में एक आवश्यक आधार है समाचार का अगर कोई पत्रकार को जान का डर है तो ये कितनी शर्म की बात है जो देश को सुधारने और प्रगितिशील बनाने में मदद करते है उनको अस्तित्व हमारे देश की ताकत है और भारत जैसे लोकतंत्र देश में जिसका अर्थ है एक ऐसा विश्व जिसमे लोगो की आवाज़ को अधिक शक्तिशाक्लि माना जाता है तो ऐसी घटना क्यों होती है हमारे देश में की एक महत्वपूर्ण शक्ति को कमज़ोर किया जा रहा है इसका जवाब किसके एक आम आदमी तो नहीं दे सकता जिसको कुछ भी बोलने का अधिकार है क्यों हमारे देश में ऐसी घटनाएं होती है क्यों पतरलारो को प्राण त्यागने होते है क्या उनसे कोई आधार है क्या उनका हमारे देश का हिस्सा नई ऐसा है तो क्यों ऐसा होता आ रहा और जिसका कोई ख़ास वजह नई और लोगो को हमको बल्कि पूरे देश को इसकी निंदा करनी चाहिए जिससे हम ऐसी परिस्तिथियो को रोक सके और देश को हर मार्ग में प्रगितिशील बना सके कितनी चीज़ों का विश्लेषण करना अधिक महत्वपूण होता है जैसे अर्थव्यवस्था से जुड़ा समाचार है या राजनीतिक दलो से उनका जवाब सिर्फ एक पत्रकार ही दे सकता है तो क्यों वे असुरक्षित अभी सरकारी को कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए जो देश के एहम आधार को धमकाने या मारने का प्रयास करते है ।

 

 

 

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