प्रा0स्वा0 केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्टाफ की कमी है। सम्पूर्ण दवाईयां उपलब्ध नही

Posted by Arun Jindal
February 6, 2017

Self-Published

करौली दिनांक 3 फरवरी 2016 को बृज गार्डन, करौली में जन स्वास्थ्य अभियान के तहत् करौली, दौसा एवं सवाईमाधोपुर जिले के स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा के लिए एक क्षेत्रीय बैठक का आयोजन सतत विकास संस्थान द्वारा किया गया। बैठक में 28 सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित हुऐ। संस्थान के निदेषक अरूण जिन्दल ने बैठक में जन स्वास्थ्य अभियान के बारे में जानकारी दी। साथ ही जन स्वास्थ्य अभियान के राज्य समन्वयक एवं प्रयास संस्थान से आये डॉ. नरेन्द्र गुप्ता ने सभी संभागियों को स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इस पर संस्थाओं से आये प्रतिनिधियों ने भी 7 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 2 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 10 उप स्वा0 केन्द्र, 1 स्वास्थ्य अधिकारों के उल्लंघन एवं 1 जिला अस्पताल का सर्वे कर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें निकल कर आया कि अधिकांष तय प्रा0स्वा0 केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्टाफ की कमी है। सम्पूर्ण दवाईयां उपलब्ध नही हैं। जांच की मशीनों की मात्रा कम है। उनमें से भी अधिकांश खराब या उपयोग में नही आ रही हैं। तकनीकी स्टाफ की कमी है।

डॉ0 नरेन्द्र गुप्ता द्वारा अवगत कराया गया कि लोगों को भामाशाह बीमा योजना का पूरा लाभ नही मिल पा रहा है, क्योंकि लोगों को अभी तक भामाशाह बीमा योजना की जानकारी नही है। राजेश शर्मा द्वारा बताया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रसव की सुविधाऐं नहीं है और न ही गम्भीर रोगों के लिए आक्सीजन सिलेन्डर, नली आदि उपलब्ध नही हैं। सुनील गुप्ता ने बताया कि करौली जिले में सिलिकोसिस के मरीज काफी हैं लेकिन सिलिकोसिस रोग के लिए करौली में विषेषज्ञ नही है।

साथ ही इस पर विभिन्न संस्थाओं से आये प्रतिनिधियों ने भी सिलिकोसिस मरीजों को आ रही परेशानियों से अवगत कराया। जिला अस्पताल में गन्दगी बहुत है। बेड सीट गन्दी, फटी हुई हैं। अधिकांष बेड्स के गद्दे फट चुके हैं। कूड़ादानों में एवं दीवारों पर बहुत गन्दगी, पीक पड़ी हुई है। डिलेवरी रूम के बाहर गड्डों में पानी भरा हुआ है एवं उनसे बदबू आ रही है।

कार्यशाला का प्रयोजन संस्थाओं को जन स्वास्थ्य अभियान से जोड़ना था एवं क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य बजट, दवाइयों की सुनिश्चित पहुँच, मानव संसाधन, भवन और उपकरणों की उपयोगिता एवं रख रखाव, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, निशुल्क दवा एवं जांच योजना, राजश्री योजना, भामाषाह स्वास्थ्य बीमा योजना, पीपीपी मॉडल, मातृ-मृत्यु, नसबंदी असफल के प्रकरण इत्यादि से संबंधित मुद्दों पर प्रतिभागियों के साथ चर्चा कर आम सहमति बनाना रहा। अन्त में यह तय किया गया कि संभागियों के द्वारा स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने के लिए आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान के नाम, संभागीय आयुक्त एवं संबंधित जिला कलेक्टर को ज्ञापन प्रेषित किया जाये।

सामुदायिक संगठनों की योजना बैठक के बाद एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सतत विकास संस्थान निदेशक अरूण जिन्दल द्वारा एवं डॉ0 नरेन्द्र गुप्ता द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में उत्पन्न बााधाओं व मांगो के बारे में विस्तृत चर्चा की गई एवं जन स्वास्थ्य अभियान की मुख्य मांगों को मीडिया के समक्ष रखा गया। कार्यशाला में विजय सिंह, रमेश माली, फजले अहमद, घनश्याम लोधा, गिरराज प्रसाद, केदारलाल, शकुन्तला मीणा, सरोज गुप्ता सुनीता कसेरा, तुशीता मुखर्जी, घनश्याम शर्मा, राजेन्द्र कुमार, मिर्जा रफीक बेग, लखन सिंह लोधा, बिहारी लाल लोधा, राजकुमार शर्मा, हेमराज माली, मुकेश पाराशर, उम्मेद जाटव, राधेश्याम सैनी, गंगाराम प्रजापत, अखलेख कुमार, कमल सिंह आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।

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