युवा जोश पर युवा सोच नहीं !

Posted by Central Bharat Films
February 11, 2017

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“हिंदुस्तान” का नाम यंगिस्तान भी है क्यों की सारे विश्व में सबसे ज्यादा युवा यही बसता है ! नया खून, नया जोश, नयी उमंग वाला युवा परन्तु इनकी बागडोर कोई और संभाले हुए है| “कर्म कर और फल की चिंता ना कर” के सिधान्तो पर चलने वाले युवा खुद को मिले निर्देशों को कुछ ऐसे ही आगे धकेल देते है, बिना कुछ सोचे समझे|

जवानी का जोश, वो रवानी और कहानी लिखता है जिसकी, शुरुआत उस कोरे काग़ज़ से होती है जिसे एक आला दर्जे का नाम दिया गया है, स्कूल और कॉलेज| यहाँ जेसी संगत मिलती है वैसी ही रंगत दीखती चली जाती है | दाखिले के दिन ही हमें सरकरी कार्यक्रम जैसे: NCC(नेशनल कैडेट कोर्प) या फिर NSS (नेशनल सर्विस स्कीम) के बारे में जानकारी दी जाती है| NCC क़ानून व्यवस्था से अवगत कराता है तो NSS समाज के प्रति जिम्मेवारिओं से परिचय कराता है| इन युवा कार्यक्रम जो कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे है, अनेक प्रकार के कैंप आयोजित कर विभिन्न प्रकार की कलाओ को सीखाया और साथ ही साथ युवाओ का मदद भी लिया जाता है |

इसके साथ ही साथ अनेक गैर-सरकारी संसथान भी अनेको प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर के समाज का कल्याण करती है और साथ ही युवा छात्रो को प्रेरित भी करती है | पर चिन्ते का विषय यह है की , बहुत कम ही छात्र ऐसे क्रियाकलापों में भाग लेते है, कॉलेज में आते ही ज्यादातर छात्र एवं छात्रा “छात्र-चुनाव” में रूचि रखते है, ये गलत नहीं है फिर भी, यहाँ पे जो एक लगाम लग जाती है, उड़ने वाले परो पर वह बड़ा ही दुखदायक होता है | रूचि के पीछे का कारन भी यही है की यहाँ का चमक-दमक कुछ ज्यादा ही चटकीला होता है| ये खींचता बड़ी तेज़ी से है| पर विश्वविद्यालयो में जहा पर बड़ी बड़ी पार्टिया अपने उम्मीदवारों को उतारती है, वहा पर बच्चे खुद का आप खो कर एक लहर के साथ बह जाते है|

खैर, मुख्य मुद्दा है की युवा कार्यक्रम का क्या योगदान है तो जब “अक्षय पात्र” नामक संसथान, स्कुलो में मिड डे मिल की शुरुआत करा सकती है, “लीडर्स फॉर टुमारो” नामक युवा संगठन दिल्ली के हजारो गरीबो को सर्द से बचा सकती है तो हम ये शान से बोल सकते है की सुसंगठित यूवा भारत देश में कुछ भी कर सकती है| बस जरुरत है खुद के गुणों को पहचानने की और सही दिशा में खुद को धकेलने की क्युकी

“अबतक जिसका खून ना खौला, खून नहीं वो पानी है,

जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है”

-भारत तिवारी

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