शाला विकास के लिए हुई सांझा पहल

Posted by Ramkumar Vidyarthi
February 18, 2017

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मध्यप्रदेश शाळा सशक्तिकरण अभियान का दो दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन संपन्न हुआ

  • रामकुमार विद्यार्थी

मध्यप्रदेश में सरकारी शाला की बेहतरी और उसके विकास के लिए समुदाय, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, शिक्षक और सरकार को एकसाथ मिल कर प्रयास करने की जरुरत है | तभी बच्चों को सही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पायेगी और उन्हें शिक्षा का अधिकार मिल पायेगा |

यह बात मध्यप्रदेश शाळा सशक्तिकरण अभियान द्वारा भोपाल के आइकफ़ आश्रम में 17 -18 फरवरी 2017 को संपन्न हुए राज्य स्तरीय सम्मेलन में सामने आई | सम्मलेन में मध्य प्रदेश के 30 जिलों से लगभग 200 लोगों ने भाग लिया | इनमे गावं बस्ती और जिले स्तर पर शिक्षा की बेहतरी को लेकर कार्य कर रहे सामुदायिक संगठनों के लीडर्स, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, शिक्षक स्वयं सेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता एवं बच्चे शामिल हुए |  सम्मेलन का सञ्चालन संस्था निवसीड बचपन के सत्येन्द्र पाण्डेय ने किया |

सम्मलेन के पहले दिन विभिन्न जिलों से आये भागीदारों द्वारा अपने अपने क्षेत्र में शाला की बेहतरी को लेकर किये गए प्रयासों, आने वाली चुनौतियों को एक दूसरे से सांझा किया गया और अपने क्षेत्र के स्कूलों के अधोसंरचना, शिक्षक, सीखने के वातावरण, शाळा प्रबंधन समिति और समुदाय के भागीदारी पर प्रस्तुतिकरण किया. इससे ये बात प्रमुख रूप से निकाल कर आई कि जब समुदाय और शाला प्रबंधन समिति मजबूत होगी, समुदाय और स्कूल के बीच सबंध होगे, बच्चों के अभिभावक और शिक्षकों के बीच आपसी संवाद व भरोसा होगा और सभी लोग एक साथ मिल कर काम करेगें तभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाएगी.

सम्मलेन में शिक्षा अधिकार कानून के क्रियान्वयन में स्थानीय निकायों की भूमिका, जिम्मेदारियों को लेकर बात की गयी और यह बात भी सामने रखी गयी कि शिक्षा को लेकर बजट ‘शिक्षा के अधिकार कानून’ के नार्म के हिसाब से नहीं आ रहा है इसके कारण अधोसंरचना और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. सम्मेलन के दौरान कई ऐसे उदाहरण भी निकल कर आये जिसमें समुदाय, शिक्षक और स्थानीय निकायों ने मिलकर स्कूल की स्थिति में आमूलचूल परिवर्तन किया है | सम्मलेन के दूसरे दिन मध्य प्रदेश में शिक्षा को लेकर बच्चों के अनुभव और नजरिया, शिक्षा की गुणवत्ता, स्थानीय भाषा में शिक्षा की जरूरत और अभियान के घोषणापत्र को लेकर चर्चा की गई |

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