सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पर भी शक करना

Posted by Lalita Aggarwal Goyal
February 27, 2017

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कहते हैं एक लड़का और लडकी कभी दोस्त नहीं हो सकते . सही कहते हैं सब ,यह बात अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन में हुए एक शोध ने भी साबित की है .इस शोध में करीब 88 दोस्तों की जोड़ियों से अलग-अलग सवाल जवाब किए गए. इन सवालों के जवाब में ज्यादातर पुरुष दोस्तों ने अपनी महिला दोस्तों के लिए प्रेम की भावना का ही इज़हार किया. इस शोध में तो पुरुष दोस्तों ने अपनी महिला दोस्तों के लिए प्रेम की भावना का इज़हार किया लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली 20 वर्षीय छात्रा से उस के दोस्तों द्वारा किये गए गैंगरेप ने तो इस शोध को भी गलत साबित कर दिया .यहां न प्यार था, न ही दोस्ती थी बस थी तो हवस बुझाने की प्यास .

मातापिता अपनी बेटियों को घर से बाहर जाते समय सीख देते हैं बेटा किसी अनजान के साथ मत जाना .यहाँ तो यह सीख भी बेकार हो गयी . दोस्त जिन्हें वह जानती थी उन  पर भरोसा और विश्वास करना उसकी जिंदगीकी सबसे बड़ी भूल बन गयी .

हैरानी और दुःख की बात तो यह है कि देश की आधी आबादी की अस्मत के सबसे बड़े दुश्मन कोई गैर नहीं, बल्कि उनके सगे संबंधी और जान पहचान के लोग बने हुए हैं. पारिवारिक, सामाजिक संस्कारों और मर्यादायें  तेजी से टूट रही हैं .लड़कियों अब समय आ गया है आप सब को खुद ही सावधान होना पड़ेगा,अपनों को भी शक की निगाह से देखना होगा क्योंकि …

सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पर भी शक करना

मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था.

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