ये प्रोडक्ट नहीं आपके सपने तक बेच डालते हैं

Posted by Anoop Singh in Hindi, Society
February 6, 2017

सोशल मीडिया पर पिछले दो-तीन दिनों से अब तक के सबसे बड़े ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में हर कोई चर्चा कर रहा है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि आखिर क्या वजह है कि सब कुछ जानते हुए भी हर बार लोग ऐसी ठगी के शिकार हो जाते हैं। कभी स्पीक एशिया के नाम से तो कभी लाटरी के नाम पर होने वाले ऐसे फ्रॉड की लिस्ट काफी लम्बी है। इस बार सोशल ट्रेड के नाम से चर्चा में आयी यह कंपनी लगभग 6 महीने में ही आपके पैसों को दोगुना करने का दावा करती है।

साल 2011 में स्पीक एशिया नाम की कंपनी ने फर्जी सर्वे के नाम पर लगभग 2200 करोड़ का ऑनलाइन फर्जीवाड़ा किया। उस समय नोएडा स्थित इस सोशल ट्रेड कंपनी के मालिक अनुभव मित्तल बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। ये बात उन्होंने बहुत जल्दी समझ ली कि लोगों को अमीर बनने का सपना दिखाकर ठगना बहुत आसान है, बस इसके लिए थोड़ा सा दिमाग लगाने की ज़रूरत है।

इसी तर्ज़ पर उन्होंने साल 2015 में एब्लेज़ इंफो सॉल्यूशन नाम की कंपनी बनाई जिसे बाद में सोशल ट्रेड नाम से एक मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) स्कीम की तरह प्रचारित किया गया। इसमें लोगों से कहा गया है कि आप 11 हज़ार से लेकर 57 हज़ार तक की फीस जमा करें और बदलें में आपको सिर्फ उनके ऑनलाइन पोर्टल पर कुछ लाइक बटन क्लिक करने होंगें। एक क्लिक के बदले यह कंपनी 5 रूपए देने का दावा करती थी, जिससे आप घर बैठे हर महीने करीब 10-15 हज़ार रूपए आसानी से कमा सकते हैं।

बीते दिनों जब यूपी एसटीएफ की एक टीम ने इस कंपनी पर छापा मारा तो शुरुवाती जांच तक यह पता चला कि सिर्फ एक क्लिक करने के महज़ 5 रूपए देने वाली यह कंपनी अब तक लोगों से 3700 करोड़ रूपए अपने खाते में जमा करवा चुकी है। एकबारगी यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि एक साल के अंदर ही इस ऑनलाइन फ्रॉड की चपेट में लगभग 7 लाख लोग आ गये हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी अच्छी या बुरी चीज को फैलने में ज्यादा वक़्त नहीं लगता है और इसीलिए कंपनी ने अपना सबसे ज्यादा प्रचार फेसबुक और यूट्यूब पर किया।

लोगों को यह बात अच्छे से समझनी चाहिए कि किसी भी मल्टी लेवल मार्केटिंग में कंपनी रेवेन्यू जेनेरेट नहीं करती है बल्कि आप ही का पैसा घुमा-फिराकर आपको लौटाया जाता है और इसके लिए आपकी राईट लेग और लेफ्ट लेग का सहारा लिया जाता है। अब सोचना यह है कि आखिर हमारी सरकार या एजेंसियां इस तरह के किसी भी फ्रॉड को शुरू में ही क्यों नहीं पकड़ लेती हैं? क्या वजह है कि सब कुछ जानते हुए भी तब तक इंतजार किया जाता है जब तक कोई इसकी शिकायत न करे और क्या कोई ऐसा नियम है जिससे इस फर्जीवाडे के शिकार हुए लोगों को अपना पैसा वापस मिल सके?

सबसे बड़ी मुसीबत तो यह है कि जो लोग आज सोशल ट्रेड में ठगे जाने के कारण उसे गाली दे रहे हैं वे फिर किसी ऐसे झांसे में नहीं फसेंगें इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसलिए लोगों से यह अपील है कि ऐसी कोई भी कंपनी जो बिना मेहनत किये आपके पैसों को दोगुना करने का दावा करे तो समझ लें कि उसके पीछे किसी न किसी तरह का कोई फ्रॉड ज़रूर है। महीने भर की अपनी मेहनत की कमाई को यूं ही रातोंरात किसी और की जागीर न बनने दें। याद रखिये ये लोग प्रोडक्ट नहीं आपके अमीर बनने के सपनों को बेचकर कमाते हैं।   

अनूप कुमार सिंह Youth Ki Awaaz हिंदी के फरवरी-मार्च 2017 बैच के इंटर्न हैं।

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