“चुपचाप टोल देते रहिये, नियम ना बताइये, वरना…”

Posted by Sunil Jain Rahi in Hindi, Travel
February 17, 2017

जब आपके सामने बोर्ड दिखाई  दे ”हम आपका स्‍वागत करते हैं” तो आपको मानसिक रूप से तैयार हो जाना चाहिए कि इस स्‍वागत द्वार के आगे आपको लूटने का पूरा इंतज़ाम है। आपका स्‍वागत क्‍यों कोई करेगा? क्‍या आपने उसकी भैंस को डंडा मारा है या भैंस को चारा डाला है। स्‍वागत उसी का किया जाता हे, जिससे कुछ मिलने की संभावना होती है। फोकट में कोई किसी का सम्‍मान नहीं करता। आप पार्षद, विधायक महोदय का स्‍म्‍मान उनके चुनाव जीतने पर करते हैं, हारने वाले भूतपूर्व का कब और किसने सम्‍मान किया है।

अब स्‍वागत शब्‍द से डर लगता है। जहां भी दिखाई दे-आपका स्‍वागत है, संभल जाइए। विशेष रूप से आप पर्यटन के लिए निकलते हैं और घर से 10-15 किलोमीटर के बाद एक पुल सा दिखाई देता है, जिसके बीच में हरी बत्तियां जल रही होती और उसके लम्‍बे फैले हुए बोर्ड पर लिखा होता है-टोल पर आपका स्‍वागत है यानी आप लुटने के लिए तैयार हो जाओ। गाड़ी की स्‍पीड कम करो। लूट की रकम का बोर्ड कम्‍प्‍यूटर लेकर बैठे व्‍यक्ति के पास होता है। आप खिड़की से बाहर सर निकालें देखें लूट की रकम कितनी देनी है।

भारत में गरीबी का स्‍तर सभी राज्‍यों में एक समान है। सभी राज्‍यों में बाबू, अधिकारी और नेता एक समान है तो फिर यह कैसे सोच सकते हैं कि टोल पर लूटने वाले अलग हो सकते हैं। टोल पर लूटना उनका अधिकार है। इस लूट के लिए वे झुण्‍ड में रहते हैं। आप अकेले परिवार के साथ होते हैं। आपको बिना कट्टा, तमंचा, लट्ठ दिखाये वे लूट का माल निकालने के लिए कहते हैं। बोर्ड पर कुछ भी लिखा हो। मानो पर्ची पर लिखा है जयपुर से दौसा और दौसा से महुआ तक का लूट की रकम। लेकिन दौसा में फिर आपसे महुआ तक लूट की रकम ली जाती है।
आप विरोध करना चाहते हैं, लेकिन आप विरोध नहीं कर सकते। आपके साथ परिवार है, उनके साथ गुण्‍डे हैं। आप खाली हाथ है, उनके पास लट्ठ से लेकर कट्टा तक है।

आपके साथ कोई नहीं, उनके साथ पुलिस है। आप पर्यटन के लिए निकले हैं, वे लूट के लिए खड़े हैं। आप जानते हैं कि इस सड़क का अनुबंध समाप्‍त हो चुका है। इस पर टोल नहीं लगना चाहिए। उन्‍हें भी मालूम है, अब लूट का कांन्‍ट्रेक्‍ट समाप्‍त हो गया है। लेकिन लट्ठ के आगे कानून के लम्‍बे हाथ छोटे हो जाते हैं। कानून को आप हाथ में नहीं ले सकते, ऐसा लगता है कि कानून उनकी जेब में है, क्‍योंकि वकील उनका सपोर्ट करते हैं, आपके सपोर्ट में नाबालिग बच्‍चे और पत्‍नी है। लूट के माल में किस-किस का हिस्‍सा होता है, वे सब आपके सामने खडे होते हैं, कुछ सामने नहीं होते, कुर्सी पर आफिस में बैठे होते हैं।

आप निरीह/बेबस/लाचार और वे अचार की तरह आपके बच्‍चों को ललचाई नजरों से देखते हैं। आप उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते, लेकिन वे आपके साथ और आपके बच्‍चों का सब कुछ बिगाड़ सकते हैं। आपको विश्‍वास नहीं होता, मेरी बातों पर तो उनसे भिड़ कर देखो। आपको नानी याद नहीं आएगी, बल्कि आपकी नानी बड़ी बेरहमी से मार दी जाएगी।

टोल की हरी बत्‍ती है, प्रतीक है हरा नोट निकालने का। अगर आप हरी बत्‍ती पर हरा नोट नहीं निकालते तो बत्‍ती लाल हो जाएगी और आपके शरीर में जमा लाल रक्‍त अनायास बाहर निकलने लगेगा।
पर्यटन से लूट की पूरी संभावना है। आप टोल का ठेका लो और पाओ लूट का प्रमाण-पत्र।
पर्यटन यात्रा का नाम बदलकर लूट यात्रा रख देना चाहिए।

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