इस काल में इश्क़ क्या है…

Posted by Anil K. Ray
March 23, 2017

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हम उस काल में जी रहे है जहाँ इश्क़ का मतलब कामयाबी है । पाना है । एक के कंधे को छोड़ दूसरे कंधे पर चढ़ जाना हैं । बेस्ट पाने के लिए बेटर को छोड़ जाना है और फ़िर मोस्ट बेस्ट पाने के लिए बेस्ट को छोड़ जाना है । ऐसे तो इंग्लिश ग्रामर में मोस्ट बेस्ट होता नहीं है। ऐसे इश्क़ में भी ग्रामर कहाँ होता हैं ।
सुपरलेटिव डिग्री में ही बने रहना ही तो इश्क़ है। एक्स के साथ कोई हमारा पॉजिटिव डिग्री बना दें, उसका मुंह नहीं तोड़ दें हम । हाँ एक्स के साथ हमें कॉम्पेर्टीव डिग्री बनान काफी पसंद हैं ।
हम उस काल मे जी रहे है जहाँ आपको अपनी सोच में भी इश्क़ करने की इज़ाज़त नहीं है । आप उसके मन के बिना कैसे अपने मन में उससे इश्क़ कर सकते हैं ! ये उसके शान के ख़िलाफ़ है । अगर आप ऐसा करते है तो वो आपको अपना करेंट मोस्ट बेस्ट लवर के साथ एक फ़ोटो भेजेगा और कहेगा, ‘तुम्हारी कुछ लेखनी से, बातों से मुझे ऐसा लगा कि तुम अभी भी यही सोचते हो कि मैं तुमपे मरती हूँ । तुम गलत सोचते हो । मैं अभी किसी और के साथ ख़ुसी से जी रही हूँ । ”
इन सब के दरमियाँ ऐसा नहीं है कि सच्चे प्यार करने वाले नहीं हैं। हर काल में रोमियो है, जूलियट है । वो अलग बात है कि ये काल एन्टी रोमियो स्क्वाड का भी हैं । मैं उन सच्चे प्यार करने वालों का अकेलापन समझ सकता हूँ । उसके प्रति बस सहानुभूति ही रख सकता हूँ क्योकि हम सहानभूति के काल में जी रहें है वो भी कुछ आधा अधूरा सा ।

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