एंटी रोमियो और मित्र तोताराम की पिटाई

Posted by Devendra Suthar
March 27, 2017

Self-Published

एंटी रोमियो और मित्र तोताराम की पिटाई योगी के एंटी रोमियो से शेक्सपियर के पेट में ऐंठन होना शुरु हो गई है। रोमियो कल तक उन तमाम लोगों के लिए प्रेम की मिसाल था जो इश्क वाले लव में मारने और मरने की कसमें खाया करते थे। लेकिन जब से आंखों पर काला चश्मा और बदन पर भगवाधारी अंगवस्त्र पहने आधुनिक योगी आदित्यनाथ बाबू ने सड़कछाप मनचलों, लफंगों और बदमाशों को सबक सिखाने के लिए एंटी रोमियो दल का गठन किया है तब से बेचारे प्रेमपात्र रोमियो की मार्केट वेल्यू डायन होने लग गयी है। यहां तक उसकी डार्लिंग जूलियट भी अब तो उसे शक की निगाहों से देखने लगी है। यूरोप महाद्वीप की उपज रोमियो खामखां भारत की धरती पर कलंकित होने लग गया है। इन सब से रोमियो के कर्ता-धर्ता शेक्सपियर को गहरे आघात के कारण लकवा मार गया है। इधर एंटी रोमियो का पहला-पहला शिकार हमारे मित्र तोताराम को होना पड़ा। बेचारे सीधे-साधे सज्जन मित्र तोताराम जल्दी-जल्दी में ऐसी कमीज पहन गये जिसके ऊपर का एक बटन टूटा हुआ था। धर्म पत्नी मोरनी ने बटन लगाने की जिद्द भी की। पर तोताराम भाभीजी का कहां सुनते और जल्दी-जल्दी का कहकर घर से निकल पड़े। घर से कुछेक मील दूर ही पहुंचे थे कि तभी पुलिस का एक जब्ता मित्र तोताराम को घेरकर ऐसे घूरने लगा कि बेचारे तोताराम के तो तोते ही उड़ गये। उससे पहले मित्र तोताराम कुछेक कह पाते पुलिस वालों ने ऐसा पेल डाला कि मित्र तोताराम “तोताराम“ से “तोतालाल“ हो गये। घायल मित्र तोताराम घर पहुंचे तो पत्नी मोरनी पहचान ही नहीं पाई। और घर से बाहर निकालने लगी। तभी मित्र तोताराम मरी-मरी, दबी-दबी आवाज में बोल पड़े – भाग्यवान ! हम तुम्हारे प्राणनाथ तोताराम है लेकिन अब पुलिस की मार के बाद तोतालाल हो गये है। पत्नी टपाक से बोल पड़ी – आपका ये हाल कैसे हो गया ? तोताराम – अब क्या बताये तुम्हें भाग्यवान ! सुबह-सुबह, जल्दी-जल्दी में बिना बटन वाली कमीज पहनकर निकले थे पुलिस वालों ने रोमियो, रोमियो चिल्लाकर पेलना शुरु कर दिया। कसम से ऐसा जमकर पेला है त्रिभुवन की मुफ्त यात्रा कर लिये। लगता है ससुरो को इतने दिनों से कोई दूसरा शिकार नहीं मिला। पत्नी मोरनी तोताराम की सूजी-सूजी आंखों और अंगों पर हल्का-हल्का सेंक करने लगी। तोताराम ने पास पड़े अखबार में योगी की तस्वीर को देखकर ऐसी मुद्रा बना ली, जो एंटी रोमियो दल की जमीनी धरातल को साफ करने के लिए काफी थी। यह तो केवल मित्र तोताराम की आपबीती का असल किस्सा था जिन्होंने कल अपन को फोन पर बताया। बरहाल, ऐसे कितने तोते होंगे जो बिना किसी मैना के चक्कर में ही पुलिस से पेलकर शहीद हो रहे होंगे। भगवान ही बचाये ऐसे तोतो को पुलिस की लाठी से। तनिक तो ख्याल किया होता योगी बाबू ! आप क्या जानो एक चुटकी सन्दूर की कीमत ? यह हर रोमियो की जूलियट के दिल का अरमान होता है, इश्क की पहचान होता है। – देवेन्द्रराज सुथार संपर्क :- गांधी चौक‚ आतमणावास‚ बागरा‚ जिला-जालोर‚ राजस्थान। पिन कोड़ – 343025 मोबाईल :- 8107177196

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