कुछ पल अमर जवानों के लिए

Posted by Ashu Pandit
March 24, 2017

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23 मार्च ये तिथि अपने आप में ही एक अलग सा दिन बन जाता है जब इस दिन हर जगह उन साहीदों को यद् किया जाता है जो हस्ते हुए देश के लिए कुर्बान हो गए थे,लेकिन आज कहि ना कहि जरुरत है। अधूरी कहानी को पूरी करने की।और इनके विचारो को हर युवा छात्र और स्कुल में पड़ने वाले उन बच्चो तक जो अभी तक आशिक़ी, ब्रेंड, राडो की घड़ी नाइके के जूते और वोडका में सायद कहि खो गए है। वो सायद इतिहास में सिर्फ इन नेताओं के बारे में पड़ते है और केंटीन में राजनीती को गन्दी और दो चार उपदेश देकर भूल जाते है कि हमारा और भी योगदान है इस देश में। इसलिए उनकी अंजनता का कारण  वो नही हमारा बिगड़ा हुआ सिस्टम है है उसके वो लोग है जिन्होंने कभी जरुरत की बाते आघे आने ही नही दी। 23 मार्च भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव इन तीनो के साथ जो अन्य सहीद असफाक उल्ला खान, पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, बिरसा मुंडा, चंद्र शेखर आजाद जैसे साहीदों की तस्वीर हर कालेज स्कुल और मदर्शे में लगे जहाँ भी देश में छात्रों को शिक्षा का संस्थान हो वहाँ इनके चेहरे हो और इनके बारे में हर छात्र को सिर्फ इतना ही ना पता हो की इसकी सिर्फ टीशर्ट डालनी है या बाइक पर चिपकाना है। बल्कि इनके विचार पढ़ाये इनकी जिम्मेवारी बताये।और इनके जीवन के संघ्रसो से परिचय कराये बस में इतना ही विनती है मेरी

धन्यवाद

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