मंदिर विवाद

Posted by Jugal Kishore Ahirwar
March 29, 2017

Self-Published

जैसी अच्छी बातों का भी कोई असर नातो जनमानस में और नाहीं है राज्यों और भारत के प्रतिनिधियों पर ….
“”संवेदना”” की कोई अनुभूति सरकार की तरफ नजर नहीं आती
और जनतामूक होकर इनकी मदद कर रही है।
1 अप्रेल से बैंक के खाते मेंटेन चार्ज लगेगा जनता चुप??
“मंदिर मस्जिद “की आड़ में जनता को ब्रमित किया जारहे
और इन जैसे तम्माम मुद्दे और नए नए बखेड़े जैसे बे बजह के मुद्दे खड़े कर के।।।
Sc/st/obc समुदाय के लोगों पर अत्याचार के मुद्दे
महिलाओं के प्रति बर्बरता।।
इससे भी ज्यादा भगवान सिर्फ इन जुल्म सहने वालों के दिल में हे ।।।
“भगवान और अल्लाह” का वजूद इंसानों को लड़ाने के लिए हे।
इंसानियत को टांक पे रखकर अपना सुआर्थ पूरा करने वालों के लिए “भगवान और अल्लाह” सिर्फ औजार हे,या खतरनाक हथियार हे ।
ये मेरे अपने विचार हैं,किसी की भावनाओ को ठेस पहुचाना मेरा मकसद नहीं।

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