मानसिक विरासत

Posted by IMRAN ALI
March 7, 2017

Self-Published

हजारो सालो से चली आ रही कुप्रथा भी आज हमे  अपनी मान मर्यादा, परम्परा और सभ्यता सी प्रतीत होती हैI

आज भी जब हम आधुनिक समाज कि बात करते हैं जहाँ हर एक क्षेत्र में महिलायें और पुरुष साथ साथ काम करते नज़र आते हैंI समाज का एक बड़ा तबका यह सोचता है कि महिलायों को अब बराबरी का दर्ज़ा मिल गया हैI

लक्ष्मी और राहुल (काल्पनिक नाम) दोनों भाई बहन हैंI दोनों बचपन से एक साथ खेले एक साथ एक स्कूल में पढाई कि उनके माता पिता यह बताते हुए गर्व महसूस करते हैं कि वह लड़की लड़के को एक सामान मानते हैंI लक्ष्मी भी इस बात पर गर्व करती है की उसने ऐसे परिवार में जन्म लियाI

लक्ष्मी आज 26 साल की हो गयी है उसका भाई राहुल एक इंजिनियर है और लक्ष्मी एक स्कूल में शिक्षक बन चुकि हैI

राहुल एक बहुत अच्छा भाई है और लक्ष्मी एक बहुत अच्छी बहन हैI इनका परिवार एक आदर्श परिवार माना जाता हैI

लक्ष्मी सुबह उठकर घर की साफ़ सफाई करती है अपने माता पिता और भाई के लिए नास्ता बनाती है, भाई का और अपना टिफिन तैयार करती है और स्कूल पढ़ाने जाती हैI लक्ष्मी स्कूल से आकर अपनी माता का घर के काम  में हाथ बटाती है, साम का खाना बनाती हैI लक्ष्मी की माँ उसको रात में घर से कहीं नहीं जाने देती वो कहती हैं की बह लक्ष्मी से बहुत प्यार करती हैं, लक्ष्मी भी एक आदर्श बेटी है वो रात में 8 बजे के बाद अपने स्कूल के पुरुष सह-कर्मियों से मिलना तो दूर उनका फोन भी नहीं उठाती हैI राहुल एक सॉफ्ट वेअर कम्पनी में काम करता है और आये दिन रात को देरी से आता है (9 से 12 बजे) और लक्ष्मी और उसकी माँ हर दिन राहुल और उसके पिता का इंतज़ार करते हैं जब तक वह घर ना आ जायें यह खाना भी नहीं खाते हैंI  लक्ष्मी की माँ कहती है यह हमारे परिवार की परंपरा हैI

हमारा समाज इस परिवार को एक सभ्य शालीन और आधुनिक परिवार मानता हैI

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