फॉरेन सिटिज़नशिप के लिए फांसी जा रही हैं विदेशी दुल्हनिया

Posted by Shampa Bharti in Hindi, Society
March 14, 2017

साल 2016 मेरे लिए काफी खुशनुमा रहा। इस साल ने कुछ ऐसे बेहतरीन रिश्ते दिए जिन्हें ताउम्र सहेज कर रखा जा सकता है। दोस्ती के बारे में खैर कितना लिख सकते हैं। हर इंसान के लिए दोस्ती की परिभाषा और मायने अलग है। लेकिन एक चीज़ जो इस रिश्ते में सबके लिए कॉमन है वो ये कि हमें ये रिश्ता अपने हिसाब से चुनने की आज़ादी होती है। ना धर्म, ना जात, ना रंग, ना रूप, ना कोई और सामाजिक बंधन जिसका ख्याल इस रिश्ते को चुनते वक्त रखना होता है। ना कोई औपचारिकता और ना कोई बंधन।

इसबार पहली दफा हुआ कि किसी गैर मुल्क के इंसान से दोस्ती हुई। और उस इंसान को भी हिंदुस्तान से उतनी ही मुहब्बत जितनी मुझे। रोमानिया की मेरी ये दोस्त अपने देश जाकर भी भारत लौटने की जल्दी में ही रहती थी। वहां जाकर वो मुझे अक्सर मैसेज करती ” Dear I miss you and I miss Patna too.” अपने नाम के मतलब की तरह ही मानो जैसे वो खुशी की एक चलती फिरती पोटली हो।

इन सबके बीच बीते दिनों कुछ ऐसा हुआ कि अब वो अपने देश वापस लौट जाना चाहती है और शायद कभी आना नहीं चाहती। उसने बताया कि जब वो पहली बार भारत अपने परिवार से इसी वादे पर आई थी कि वो यहां  सिर्फ अपने क्म्यूनिटी के लोगों से मिलेगी और किसी से ना दोस्ती करेगी ना ही भरोसा करेगी। सिर्फ अपना प्रोजेक्ट पूरा करेगी और वापस अपने मुल्क लौट जाएगी।

2017 उसका तीसरा साल है भारत में। परिवार के दिए सारे हिदायतों को तोड़ते हुए उसने दिल्ली, पटना, बोधगया, बनारस सभी जगह अपने दोस्त बनाए हैं। उन दोस्तों को भी इसकी दोस्ती काफी पसंद है।

खैर इन दोस्तों में एक दोस्त कब दोस्त से बढ़कर हो गया उसके लिए और दोनों साथ में काफी खुश भी थें। हालांकि जिस दिन उसने मुझे अपने इस दोस्त के बारे में बताया मुझे कुछ ठीक नहीं लगा। मैंने उसे कहा भी कि इस रिश्ते को ज़रा वक्त देना और इतनी जल्दी विश्वास मत करो। लेकिन उसे मेरी बात उसके घरवालों जैसी लगी और उसने ये कह कर टाल दी मेरी बात कि “You are talking like my siblings.” उसने मुझे ये भी यकीन दिलाया कि वो दोनों 2017 में शादी कर लेंगे।

उस दिन उसकी इतनी कोशिशों के बाद भी मुझे भरोसा नहीं हुआ। मैंने पहले भी अपने आसपास ऐसे कितने केस देखे हैं जिसमें अक्सर शादी के नाम पर विदेशी नागरिकों को धोखा दिया गया। अक्सर लोगों को मैंने फॉरेन सिटिज़नशिप के लिए विदेशियों से शादी करते देखा है।और यही सारी बातें मेरे मन से नहीं जा रही थी। हालांकि मैं इसबार गलत साबित होना चाहती थी।

लेकिन अफसोस मैं इसबार भी सही साबित हुई। जब मेरी दोस्त ने लड़के को कहा कि वो शादी के बाद यहीं हिंदुस्तान में रहना चाहती है वापस रोमानिया नहीं जाना चाहती तो कुछ ही दिनों के बाद लड़के ने इग्नोर करना शुरू कर दिया। लड़के ने अचानक कहा कि वो शादी नहीं कर सकता और वजह बताई कि उसके घरवाले कभी इस रिश्ते के लिए नहीं मानेंगे।

कुछ दिनों पहले तक ये तस्वीर बिल्कुल उल्टी थी। वो उसके घरवालों की चहेती थी। सबलोग शादी की बात से काफी खुश भी थें। हर फैमिली फंक्शन में उसे बुलाया जाता था और होने वाली बहू के तौर पर सभी रिश्तेदारों से मिलवाया जाता था। पर अब सबकुछ बदल चुका था।

मैं इसी देश की हूं और हर उस इंसान की नीयत पर शक नहीं कर रही जो किसी फॉरेनर से प्यार करते हैं और उससे शादी करना चाहते हैं। बेशक सभी लोग एक जैसे नहीं होते हैं लेकिन किसी भी रूप में फायदा ना उठाने की नीयत से प्यार करने वाले लोगों को मैंने बहुत कम ही देखा है। मेरा ख्याल है कि इन मामलों के लिए कुछ सख्त कानून होने चाहिए। ताकि हरबार कोई किसी का फायदा उठाके पूरे  देश की छवी ना खराब कर सके।

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