कनपुरिया CM कैसा हो? सतीश महाना जैसा हो…

Posted by Rohit Singh in Hindi, News
March 18, 2017

यूपी में बीस साल बाद बीजेपी को भारी बहुमत से जीत मिली है। लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर अब भी सवाल बरकरार है। राजनाथ सिंह, मनोज सिन्हा, योगी आदित्यनाथ, दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य के अलावा हाल ही में कानपुर से सातवीं बार विधायक रहे सतीश महाना पर भी बात चल रही है। धमाकेदार जीत के बाद आनन फानन में सतीश महाना को दिल्ली बुलाया गया था। जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह से कराई गई।

कानपुर नगर से इसबार बीजेपी को 10 में से 7 सीटों पर जीत मिली है। कानपुर की महाराजपुर सीट से विधयाक सतीश महाना पंजाबी खत्री समुदाय से हैं।महाराजपुर व पूरे कानपुर शहर में महाना की छवि बहुत ही अच्छी है। महाना को छोटी दुकानदारों का बहुत ही पसंदीदा माना जाता है। महाराजपुर के बाज़ार में जब दुकानदारों व लोगों से महाना की छवि व कार्य के बारे में पूछा गया तो दुकानदारों का कहना था कि महाना जी हमारा पूरा साथ देते हैं। पुलिस सड़कों पर दुकान लगाने से जब हमें भगाती है तो महाना जी हमारा साथ देते हैं व दुकान लगाने की इजाजत बिना घूस दिए दिलवाते हैं और बस जाम का ध्यान देने की सलाह देते हैं।

महाराजपुर के लोगों ने बताया कि महाना जी के पास हम जब भी कोई समस्या लेकर जाते हैं तो वो हमसे बात करते है व समस्या का समाधान करवाते हैं। जब कानपुर में लोगों से महाना जी को मुख्यमंत्री बनाये जाने पर पूछा गया तो लोगों ने बताया कि महाना जी बहुत ही ईमानदार व मेहनती नेता हैं और वो सीएम बनने के बिल्कुल लायक हैं।

सतीश महाना को नरेंद्र मोदी का दोस्त बताया जाता है। आरएसएस में दोनों ने साथ में ही काम किया था। संसदीय बोर्ड की बैठक में मोदी जी ने कहा था कि “कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो टाइम लाइन में नहीं रहते, लेकिन काम अच्छा करते हैं। ऐसे इशारों में महाना जी बिल्कुल सटीक बैठते हैं।

सतीश महाना को 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से कानपुर का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन मोदी जी के वाराणसी चले जाने से मुरली मनोहर जोशी को कानपुर का टिकट दे दिया गया था।हालांकि 2009 में महाना को लोकसभा का टिकट मिला था लेकिन वहाँ कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल से हार गए थे।

महाना का नाम पूरे कानपुर में बहुत ही सम्मान से लिया जाता है। कानपुर शहर मध्य यूपी का एक अहम शहर है। महाना के मुख्यमंत्री बनने से बुंदेलखंड, इटावा व पूर्वांचल के लोगों में भी बहुत अच्छी पकड़ बनाई जा सकती है।

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