आप तो मंत्री हैं फिर भी ….!

Posted by Pooja Sharma
April 4, 2017

 

अभी कुछ दिन पहले शायद आप लोगो ने भी सुना हो की हमारी टेक्सटाइल मंत्री साहिब, सिमृति ईरानी, ने कुछ लोगो को गिरफ्तार करवाया है। क्यूँ? क्यूंकि वो उनका पीछा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि मिनिस्टर साहिब जब एयरपोर्ट से अपने घर जा रही थी तो एक गाड़ी ने उनका पीछा करना शुरू किया। कुछ टाइम बाद जब उनकी गाड़ी उनके घर के पास पहुची तो भी वो लोग उनके पीछे ही थे । मेडम ने घर पहुच कर गाडी से उतरते ही अपने गार्ड्स से कह कर उनको पकड़वाया और पुलिस के हवाले कर दिया ।

 

पुलिस ने उनपर पीछा करने, अश्लील हरकतें करने और शराब पीकर गाड़ी चलाने का केस दर्ज किया है। बाद में मैंने समाचार में उन लड़कों को पुलिस थाने में रिपोर्टर से कहते सुना की हमने मैडम जी से बहुत माफ़ी मांगी, पर वह मान ही नहीं रही हैं,  हमारी जिंदगी बर्बाद हो जायेगी। अब यह सब देख सुन कर दो बातें मेरे जेहन में आयी हैं । एक की मैडम एक मिनिस्टर है, और वो भी कैबिनेट मिनिस्टर । तो मैडम को पर्सनल सिक्योरिटी भी मिली हुई होगी । सिर्फ एक गाडी ही होगी उनके साथ यह भी मुझे शक है। और मिनिस्टर की गाड़ी साउंड प्रूफ होती है, तो मैडम ने कैसे जाना की वो लड़के उनके साथ बदतमीज़ी कर रहे हैं। क्या मैडम इतनी फ्री बैठी थी की वो आसपास क्या हो रहा है यह देखते जा रही थी? मुझे समझ नहीं आ रहा की जब सिमृति जी को पता चल गया था कि वो लड़के उनका पीछा कर रहे हैं तो उन्होंने बीच रास्ते में ही क्यूँ नहीं उन्हें रोका और सबक सिखाया। क्या एक मिनिस्टर महिला भी बीच रास्ते में अपनी सुरक्षा के लिए लड़ने में असमर्थ थी?

 

दूसरी बात की जिस देश की एक उच्च पद पर विराजित महिला ही सुरक्षित नहीं है, वहां एक साधारण महिला का क्या हाल होता होगा यह तो साफ़ पता चल रहा है। जिस देश में अपने साथ सिक्योरिटी ले कर चलने वाली महिला भी अगर अपने को सुरक्षित नहीं महसूस कर रही वहां एक आम महिला कैसे अपने को सुरक्षित समझे । अब मैं यहाँ अपनी मिनिस्टर साहिबा से कुछ कहना चाहूँगी।

 

सिमृति ईरानी जी,

 

शायद , जो आपके साथ हुआ वो आपने पहली बार अनुभव नहीं किया होगा।जी, क्यूंकि बचपन से लेकर कर शायद बुढ़ापे की दहलीज तक हर औरत को इस भद्दी सच्चाई से दो चार होना ही पड़ा है। पर आज आप एक सक्षम महिला हैं जिसके पास आज एक पावर हैं। एक पावर जिससे अगर वो चाहे तो इस देश की सभी महिलायों का भविष्य बदल सकती हैं। आप चाहे तो अब सत्ता में आने के बाद इसका सुचारू सदुपयोग कर इस देश की हर नारी को सुरक्षा का अनुभव करवा सकती हैं।

 

आप तो मिनिस्टर हैं रोज़ गाड़ियों में घूमती हैं कभी कोई गलती से भी आपके आसपास नहीं आ सकता । पर अगर कभी ऐसी गलती, गलती से हो भी जाती है, तो आपकी बात की सुनवाई होती है। लेकिन हम तो साधारण महिलाएं हैं, हमारे पास कोई सिक्योरिटी नहीं है। हाँ पिता, भाई या पति ने एक सुरक्षा चक्र या एक लक्षमण रेखा जरूर हमारे चारों ओर बांध रखी है। उस घेरे के पार हम नहीं जा सकती है । अगर कभी हिम्मत दिखा इस सुरक्षा चक्र को तोड़ हम इस घेरे से बाहर आ भी जाते हैं तो जो कुछ भी झेलना और अनुभव करना पड़ता है, वो किसी भयानक सपने से कम नहीं लगता है। और कभी कभी किसी किसी के लिए तो यह सपना एक सच्ची कड़वी भयानक दुखदायी सच्चाई बन जाता है।

 

आज देश की हर लड़की हर माँ, हर बहन, हर औरत चाहे वो पड़ी लिखी हो या अशिक्षित , चाहे वो एक ऑफिसर हो या एक मजदूर , चाहे वो शादीशुदा हो या कुँवारी, चाहे वो मिनिस्टर हो या एक आम नागरिक हर कोई हर हाल में सिर्फ एक ही बात चाहती है, और वो है उसकी मान मर्यादा की रक्षा , उसके अस्तित्व की सुरक्षा, उसकी स्वछंद घूमने की आज़ादी।

 

मेरा आपसे एक ही अनुरोध है। आज आपके पास पावर है, आज आप सरकार में हैं, उस सरकार में जिसे लाखों करोड़ों महिलाओं ने भी चुना है । इस उम्मीद से की शायद यह सरकार कुछ बदलाव लाये। शायद इस सरकार की प्राथमिकता में औरत के लिए सम्मान मायने रखता हो । आप चाहे तो हम सभी औरतों की इस लड़ाई को एक स्वरुप दे सकती हैं । आप चाहे तो उस मंदिर, जिसे संसद कहते हैं ,में हमारे हक़ की अर्जी लगा सकती हैं । आप चाहे तो इस दबी आवाज़ को एक गर्जन बना सकती हैं। आप चाहे तो एक आम महिला को उसका हक़ दिला सकती हैं।

 

मिनिस्टर साहिब आपसे प्रार्थना है कि एक दो या चार नहीं इस देश में नारी का अपमान करने वाले लाखों मर्द हैं, उनके खिलाफ आप हमारी आवाज़ बनिए। पहुचाइए हर दर्द हर चीख को उस संसद तक। पहुचाइयें हमारी आवाज प्रधानमंत्री जी के कानों तक। सुनाइए उन्हें हमारा दर्द। करिये अपनी आवाज़ को इतना बुलंद की हर औरत की आवाज़ ऊँची हो जाये। नहीं जीना पड़े किसी औरत को मर मर कर। नहीं जीना पड़े किसी औरत को डर डर कर। उसे एक विश्वास चाहिए , विश्वास सुरक्षा का , विश्वास जीने का।

 

आशा करती हूँ की एक औरत ने दूसरी औरत का दर्द समझा होगा और वो एक औरत के हक़ की खातिर एक दूसरी औरत आवाज़ जरूर उठायेगी।

 

धन्यवाद

एक आम महिला नागरिक

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