आरक्षण संसोधन का विरोधी कौन?

Posted by Sandip Sandilya
April 22, 2017

Self-Published

रेस दो घोड़े का होना हैं एक ने जीवन भर गरीबी मे जिन्दगी काटी हैं और दुसरे ने पैसे के बल पर अच्छी जिन्दगी काटी हैं. चना और गुड के साथ दुसरे का विकास हुआ वही पहले वाले ने सुखी घास के अलावा कुछ नहीं देखा. समय आया और दोनों का रेस शुरू. भाई अब रिजल्ट का इंतजार किस बात का? रिजल्ट तो पहले से आया हुआ था. यह बात अगर बैकवर्ड और फॉरवर्ड के बीच चालीस पचास साल पहले होता तो समझ आता मगर यहाँ दोनों घोड़ा एक ही जाती के हैं वो भी बैकवर्ड. सीधी सी बात हैं धनाढ़ बैकवर्ड ही कमजोर बैकवर्ड की जान ले रहा हैं और वही किसी भी प्रकार के आरक्षण के संसोधन पर बवाल मचाता हैं.

क्रीमीलेयर की व्यवस्था की गयी परन्तु हमारे समाज मे दीखता नहीं हैं. बोलने वाली बात हैं बस की जिसे पांच लाख सालाना की कमाई हैं उसे आरक्षण की सुविधा नहीं मिल सकती मगर हकीकत मे कितने लोग आरक्षण लेना छोड़े हैं ये हम आप सभी जानते हैं. बस यहीं धनाढ़ बैकवर्ड हंगामा करते नजर आते हैं. ये खुद अपने जात के लोगो का हक़ खाते हैं और मिडिया मे गरीबो का नारा देते नजर आते हैं.
बदलाव की जरुरत हैं और वो होगी. इसके लिए सरकार को बिना वोट बैंक नीति के सोचना होगा और कठोड़ निर्णय लेना होगा. जो कमजोर गरीब बैकवर्ड हैं उन्हें अपने कांफिडेंस मे लेना होगा.

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.