आवाज गरीब की

Posted by ShushilMourya
April 13, 2017

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बस्तर-जगदलपुर

नगर निगम आयुक्त की दिन दिहाड़े गुंडागर्दी का कहर परिहार व दास परिवार पर किया गया है और आयुक्त के इस गुंडागर्दी का साथ निगम के कर्मचारियों ने बखूबी दिया हैं ,बिना न्यायिक मजिस्ट्रेट के ही निगम आयुक्त और निगम कर्मचारियों ने परिहार परिवार को घर से बेदखल कर दिया ,निहाल सिंह परिहार और राजकुमारी परिहार दो घर आजूबाजू में ऐलाट मेंट थे और अंदर से तोड़कर बाँथरूम को एक कर दिया जिस वजह से उनका घर सील कर सामान बाहर कर दिया गया है और गौरीदास विधवा औरत हैं १२ वर्ष की बच्ची के साथ अटल आवास कालीपुर में रह रहे थे और इनका भी सामान बाहर दिया हैं अब वे भी बाहर रोड में सोने को मजबूर हो गये हैं आयुक्त महोदय का दिमाग सरफीरा हो गया हैं ।पूर्व में सड़क चौड़ीकरण में इनका घर टूटा था और बड़ा परिवार होने के कारण तात्कालिक आयुक्त नीलकंठ टेकाम ने दो घर स्वीकृत कर घर दिया गया था । सरफीरे आयुक्त के गलत नीति से दो परिवार रात में सर भी छुपाने के लिए सड़क का सहारा लेना पड़ रहा हैं। युवा कांग्रेस यह मांग करता है कि ऐसे सरफीरे आयुक्त को तत्काल हटाया जाए नही तो सड़क से लेकर न्यायिक लड़ाई लड़ने को मजबूर होना पड़ेगा।

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