गाय छुट्टा …!! पालतू कुत्ता…!!फिर भी, गऊ माता की जै!

Posted by Rana Ashish Singh
April 11, 2017

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(अनुभव भाई ने गौ माता पर एक छोटा सा लेख लिखा है. किसी की भावना आहत हो उससे पहले बता दूँ कि हमलोग गऊ को माता कहने में संकोच नहीं करते, और भूखे कुकुर को भी रोटी खिलाते हैं. मैंने हलकी सी एडिटिंग की है)

गाय छुट्टा …!! पालतू कुत्ता…!!

कैसे होगी गौरक्षा ??? सोचिये ..समझिये..?

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही गौ रक्षको की बड़ी सेना सड़को पर है.. पर गाय माता आवारा पशुओ की श्रेणी में खड़ी होकर गन्दगी, प्लास्टिक पालीथीन खाने को विवश है| वही धर्म ध्वजा फहराने वालो के घरो में अब गौमाता के लिए निकलने वाली पहली रोटी बन्द हो चुकी उनका स्थान पालतू कुत्तो ने ले लिया है..  परिवारो में पलने वाले कुत्तो की कीमत 50 हजार से 1 लाख तक होती है उनके भोजन के लिए बीफ/पोर्क तक  की व्यवस्था की जाती है क्योकि कुत्तो का भोजन यही है | यह हमारा दोहरा चरित्र है !!
हम एक तरफ गौ को माता तुल्य समझते है और उसी गौमाता को हमने सड़को पर बेबस लाचार अवस्था में छोड़ दिया | क्या हमारी यही गौभक्ति है ? हिन्दू घरो में गाय पालन के स्थान पर कुत्ते पल रहे है , रसोई की पहली रोटी गायमाता के लिए बन्द हो चुकी है कुत्ते के लिए 2 किलो बीफ/मीट  प्रतिदिन घरो में आ रहा है !! बूचड़खाने बन्द होने से कुत्ता पालक लोग मन ही मन योगी जी को कोस रहे है और हमारी गौभक्ति उन्माद में बदलकर अखबारी सुर्खिया बटोर रही है | क्या यही है गौसेवा ? सोचिये ….विचार कीजिये ….गौसेवा गौरक्षा गौभक्ति क्या मात्र अखबारो में स्थान बनाने से होगी ? नही …कभी नही …..| हम तो यदुवंशी है ,हमारा गौसेवा से 5 हजार से अधिक वर्षो का सम्बन्ध है ,हम शहरो में रहते है ; गाय नही पाल सकते है | क्या इतना नही कर सकते की हर हिन्दू अपनी पुरातन परम्परा को जीवित करते हुए सुबह की एक रोटी गौमाता को खिलाये ये भी एक तरह से गौसेवा होगी अगर सड़को पे भूखी घूमती गायो को हर घर से एक रोटी मिल जाये तो इससे गाये पालीथीन खाने को मजबूर नही होगी | जिससे गाये दुर्दशा से बचेगी …यह भी बड़ी गौसेवा होगी अगर आप गौभक्त है तो गौमाता को अपने घरो में उचित स्थान दीजिये सड़को और उन्माद बरपा कर अखबारी सुर्खिया मत बटोरिये । धर्म को धंधा मत बनाये कुत्तो को बीफ नही… गाये को पहली रोटी देना शुरू कीजिये… गौशाला के नाम सरकारी अनुदान हड़पने वाले का भंडा फोड़ कीजिये कथित गौरक्ष्को की पहचान कीजिये इसमे कितनो के कुत्तो का भोजन इन्ही का मांस होता है जिसे यह स्वयं लेकर आते है और अपने टॉमी..बॉबी ….रॉकी ..ब्लैकी ..को खिलाते है।

ये मेरे व्यक्तिगत विचार है .

(अनुभव स्वरूप यादव)

 

(Anubhav Swaroop, MA mass com, has written two books “English with logic ” (An English grammar book ) and “How to face an interview ” He has 16 years of experience in teaching English language. Email anubhav.yadav33@gmail.com)

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