देश के नेताओ से

Posted by Vikas Kumar Giri
April 16, 2017

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मुझे समझ में नहीं आता कि यहाँ के नेता और यहाँ के वो लोग जो हर चीज पर राजनीती करना शुरू कर देते है पता नहीं कब ये देश इन सब चीजों से ऊपर उठकर सोचेंगे

पहले तो हमारे देश के सुप्रीम कोर्ट को ये तय कर देना चाहिए की जो ग्रेजुएट हो वही लीडर बने हमारे देश में कोई भी घटना होती है जैसे रेप हो चाहे कुलभूषण जाधव की बात हो, वो कहेंगे अगर हम सरकार में होते तो हम ये कर देते, उनसे कहना चाहूंगा की राजनीती और अपना स्वार्थ छोड़कर सबसे पहले ये देखें कि हम भारत के लोग हैं, हम उनके लिए क्या कर सकते हैं, नहीं तो उनलोगो से प्रार्थना है जाकर पहले संविधान की प्रस्तावना पढ़ कर आये वो क्या कहता है। हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को :

संसद में हर आदमी को क्यों नहीं पढ़ाया जाता है संविधान की प्रस्तावना

या जो पढ़े लिखे ना हो उनके बताया या सुनाया जाए कि उनसे उन्हें सीख मिलेगी कि पहले हम भारत के नेता है भारत के लिए काम करना है पार्टी के लिए बाद में।

सब स्वार्थ के लिए काम करते है मुझे मंत्री बना दिया जायेगा या ये पद मिल जायेगा वो मिल जायेगा|

क्या होता जब आजादी दिलाने वाले लोग भी महात्मा गाँधी, भगत सिंह,चन्द्र शेखर आज़ाद आदि जितने भी थे ये भी अंग्रेजों से मिलकर अपनी सवार्थ के लिए सोचते तो हमारा देश आज़ाद भी नहीं होता जैसा आज माहोल है इनलोगो को देखना चाहिए उनके बलिदान को भूलना नहीं चाहिए उनके सपने क्या थे आज़ादी के 70 साल बाद भी हमारे यहाँ के नेता लोगो को बिजली और पानी देने की बात चल रही है दुनिया कहा से कहा पहुंच गयी अब तो यहाँ लोगो को ही सोचना पड़ेगा और कुछ करना पड़ेगा|

जय हिन्द जय भारत

– विकास कुमार गिरि

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