नए DGP के सामने पहली चुनौती, कप्तान का घर ही सुरक्षित नहीं।

Self-Published

सहारनपुर भाजपा सांसद ने एसएसपी के घर के अंदर किया तोड़ फोड़


तोड़ फोड़ में टुटा पड़ा आवास के बाहर लगा नेम प्लेट

‍DGP की काबिलियत


प्रदेश के DGP का कमान सँभालने वाले होनहार और काबिल अफसर सुलखान सिंह जो हमेशा से पुलिस सेवा में बदलाव लाते रहे चाहे वो जो भी डिपार्टमेंट हो। सुलखान सिंह जी ने उस जमाताने में भी पाँव छुए बगैर ही अपनी रीढ़ सीधी रखी। कानपुर पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में उस पद पर इनको भेज गया जहाँ DIG स्तर की पोस्टिंग होती है फिर वही इनको DG पर पर पद्दोन्नति किया गया। इस कार्यकाल में इन्होंने पुलिस ट्रेनिंग में कड़े बदलाव लाए।


  • विरोध प्रदर्शन के बाद टुटा हुआ बहार लगा नेम प्लेट


    यह तस्वीर जो आप देख रहे हैं। ये है सहारनपुर के एसएसपी आवस के बाहर की जिसे *कैंप कार्यालय* भी कहा जाता है। भाजपा संसद ने अपने समर्थको संग विरोध प्रदर्शन किया और आवास में तोड़ फोड़ भी किया गया। सवाल यर है की जो इससे पहले सरकार में देखने को मिला है और मिलता रहा है। जिसे चुनाव में मुद्दा बनाया गया वाही गुंडा गर्दी इस सर्कार में भी होगी।

  • ज़िला के कप्तान के घर में बिना इजाज़त घुसना और तोड़ फोड़ कर प्रदर्शन करना क्या यही तरीका है विरोध का ???
  •  चुनाव में गुंडागर्दी का मुद्दा उठाना और सरकार बनाने के बाद न सिर्फ जनता से ही बल्कि ज़िला के कप्तान के घर में घुस ऐसे प्रदर्शन करना ये सही तरीका माना जायेगा क्या?

    यह सब होने के 3 घण्टे बाद भी पुलिस प्रशासन चुप रही और एसएसपी ने खबर न होने की बात कहीं। 

  • तो ज़रा आप ही सोचिये कप्तान के घर में इतना सब हो जाये और कप्तान ज़िला में मौजूद हो तो इसे खबर होगा या नहीं।
  • घर में ये सब हो रहा है ये कप्तान को पताः होने में कितना समय लगेगा ?? ये आपको भी पता है।
  • फिर सांसद पर कार्यवाही न होना भी बड़ी दिलचस्प बात ही की उसके इस करतूत को बढ़ावा देना है।

    सुलखान साहब के सामने एक कड़ी चुनौती है ये क्योंकि इससे जनता पर गलत असर पड़ेगा की *कप्तान के घर में जब कोई भी घुस सकता है तो भला आम आदमी का Kव देखेगा ??*

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