भोपाल के बच्चों का अनूठा प्रयास, अपनी बात कहने को बना ली बाल पंचायत

Posted by Ramkumar Vidyarthi in Child Rights, Hindi, Society
April 6, 2017

सभी बच्चों को उनके अधिकार मिले और उनकी बातों को परिवार से लेकर सरकार तक सुना जाए। इसके लिए शहर की बस्तियों में बच्चे बालपंचायत से जुड़कर अपनी आवाज़ उठा रहे हैं। इन बच्चों ने कई राष्ट्रीय कार्यशालाओं में हिस्सा लेकर बालश्रम, असुरक्षा व बाल केन्द्रित शहरी विकास जैसे मसलों पर अपनी राय दी है।

भोपाल की बस्तियों में काम करती है बालपंचायत- 

मध्यप्रदेश के भोपाल शहर की 25 बस्तियों में गपशप, हरियाली, उमंग, सम्मान, साथिया, एकता, जवाहर, लॉयन, कमल और मस्ती भरा समूह जैसे कई नामों से 500 से अधिक बच्चों ने अपने छोटे-छोटे बाल समूह बना रखे हैं जो हर दो साल में अपनी बाल पंचायत का चुनाव करते हैं। बच्चों की यह पंचायत 2008 से सक्रिय है। सभी बाल समूह अपनी साप्ताहिक बैठक करते हैं। प्रत्येक माह में एक बार क्लस्टर लेवल पर कार्यकारिणी की बैठक तथा साल में एक बार सिटी लेवल फेडरेशन का आयोजन करते हैं।

सरकार तक पहुंचा रहे हैं अपनी बात-

रेलवे आरक्षण में बच्चों को छूट के लिए सांसद आलोक संजर को ज्ञापन देने से लेकर शहरी विकास में बच्चों की पार्क व लर्निंग सेंटर जैसी ज़रूरतों पर नगर निगम के बजट सत्र में प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने तक। संस्था निवसीड बचपन व हमारा बचपन अभियान से जुड़े इन बच्चों ने बस्ती में नियमित साफ सफाई, पेयजल व स्ट्रीट लाईट की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों तक लगातार अपनी बात पहुंचायी है।

ये कर रहे हैं बालपंचायत के बच्चे-

मीरा नगर बस्ती में हमारा बचपन अभियान के तहत बालपंचायत से जुड़े बच्चों ने विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह, स्थानीय पार्षदों व कलेक्टर निशांत वरबड़े की उपस्थिति में स्वच्छता अभियान चलाया। यहां ईश्वर बाल विकास समूह ने अस्थायी कचरा डंपिंग की समस्या उठायी। अब्बास नगर के साथिया समूह ने शौचालय व स्वच्छता की मांग को लेकर दीवार लेखन किया है। बच्चों के साथ बढ़ती शोषण की घटनाओं के विरोध में कोलार में मानव श्रृंखला बनायी तो शौर्यादल व पुलिस के साथ सुरक्षा संवाद कार्यक्रम से जुड़कर बस्तियों में नशे व अवैध धंधे के बच्चों पर बुरे प्रभाव की दिक्कतों को सामने लाया है। सूखीसेवनिया के ‘मस्ती भरा समूह’ ने प्राथमिक शाला में शिक्षक की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। बाल समूहों के बच्चे बालश्रमिक व स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को शिक्षा व खेलकूद से जोड़ने जैसे जतन भी कर रहे हैं।

बच्चों के इन प्रयासों को जानने समझने के लिए राज्य बाल आयोग अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा स्वयं बालपंचायत की बैठक में हिस्सा ले चुके हैं। बालपंचायत के प्रतिनिधि रोहित अहीरवार,अलका कुशवाहा, तान्या जाटव ,रोशनी यादव,सोनिया प्रजापति, पवन चौरसिया ,अनुराग वर्मा आदि ने सांसद आलोक संजर व नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह, नगरीय निकाय मंत्री माया सिंह, कमिश्नर ननि छबि भारद्वाज, विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह को शहरी गरीब बच्चों की स्थितियों से अवगत कराया है। हमारा बचपन अभियान कार्यशाला में इन बच्चों ने उड़ीसा के कटक तथा दिल्ली में सांसद आलोक संजर  व नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह के साथ हिस्सा ले चुके हैं।

बालपंचायत भोपाल का संपर्क: 07552461161  ईमेल: [email protected]

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