BHU में बड़ी लापरवाही, मना डाली अम्बेडकर की 127वी जयंती

BHU, जी हां वही विश्वविद्यालय जो देश की शिक्षा की आन-बान-शान का नेतृत्व करता है, जहां की पद्धति दूसरे विश्वविद्यालयों के लिए रोल-मॉडल है बताई जाती है। लेकिन BHU इतना शर्मसार कभी नहीं हुआ जितना कल अम्बेडकर जयंती पर पूरे देश में हुआ।

BHU के ट्विटर हैंडल से ट्वीट की गई तस्वीर

मौका था देश के संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के 126 वें जन्मदिवस का जो हर बच्चे को याद था पर BHU के कुलपति और प्रशासन शायद अपनी ही धुन में थे और बाबा साहब अम्बेडकर की 127वीं जयंती मना रहे थे। ना सिर्फ कार्यक्रम के दौरान लगाए गए पोस्टर में 127वे जन्मदिन की बधाई दी गई बल्कि BHU के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी 127वे जन्मदिन की ही बधाई दी गई।  जो गलती कल की गई उसे ट्वीटर हैंडल पर आज सुबह 10 बजे तक ठीक नहीं किया गया था।

BHU के कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी की नियुक्ती के बाद से ही कैंपस में छात्रों ने अलग अलग मुद्दों के लेकर प्रदर्शन किये हैं। चाहे 24 घंटे लाइब्रेरी का मुद्दा हो या फिर महिला विश्वविधालय में सुविधाओं की बात हो या फिर प्रदर्शन करने पर छात्रों के निलंबन का मामल हो। प्रोफेसर त्रिपाठी पर मॉरल पोलिसिंग के भी आरोप लगते रहे हैं।

पूरे परिसर में ये चर्चा है की प्रिंटेड मटेरियल में छपना तकनीकि गलती कही जा सकती है पर बार-बार मुख्य वक्ता कुलपति प्रोफेसर जीसी त्रिपाठी 127वीं जयंती दुहरा रहे थे उसके बाद विश्वविद्यालय के अधिकारिक टवीटर हैंडल से ट्वीट भी किया।विश्वविद्यालय प्रशासन की इस शर्मसार करने  वाली गलती से  छात्रों में भी रोष है।

BHU के एक छात्र आकाश कहते हैं – “पूरे देश में चर्चा हो रही है कि BHU वालों ने बाबा साहेब की 127 वीं जयंती मना डाली, अनपढ़ हैं क्या बीएचयू वाले?” वो आगे कहते हैं – ”BHU कुलपति को छात्रों से लिखित माफ़ी मांगनी चाहिए और अपने बौद्धिक स्तर का पुर्नमूल्यांकन करना चाहिए अगर थोड़ी भी शर्म हो तो इस्तीफा दे दें।”

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