मीडिया चैनलो का योगी युग

Posted by Azad Upadhyay
April 3, 2017

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आज-कल भारतीय मीडिया का योगी युग चल रहा है। चैनल इस काम में पूरी मेहनत से लग गए हैं, ठीक उसी तरह से जैसे ये 2014 में मोदी युग का निर्माण करने में लग गए थे। इन फालतू खबरों के लिए जनता के न जाने कितने ज़रूरी मुद्दों को ये कबाड़ में डाल रहे हैं। बात सिर्फ न्यूज चैनल की नहीं है, करीब-2 सारे चैनल यही कर रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे सारे एक दुसरे के फोटोकापी हो गए हैं बिल्कुल राजनीतिक दलों की तरह।

मुझे उस दिन भी कोई हैरानी नहीं होगी जिस दिन ये मीडिया योगी के राष्ट्रवादी खर्राटो की आवाज देश को सुनायेगा। जनता को भी ये बात सोचनी चाहिए कि आखिर किस वजह से एक खास पार्टी को मीडिया का इतना ज्यादा स्पेस मिलता है? क्या मीडिया का ये योगीकरण आपको पसंद आ रहा है? क्या आप चाहते हैं कि मीडिया पत्रकारिता की जगह प्रोपेगैंडा करे?

गलती सिर्फ पत्रकार की नही है गलती उस जनता की भी है जो ऐसी पत्रकारिता की मूक दर्शक बनी हुई है। मीडिया का ना कोई स्वर्ण युग आया था, ना कभी आएगा ये सारी बातें कांग्रेस के समय भी थी फर्क सिर्फ इतना है की अब ये अपने चरम पर हैं। मीडिया चैनल, मंदिर और मस्जिद बनाने की लड़ाई मे मस्त हैं और प्राईवेट इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियर के नाम पर कबाड़ पैदा कर रहे हैं, लेकिन इस पर सब मौन हैं।

अगर सरकार और जनता दोनो ये मानती है कि सरकारी कॉलेज की पढ़ाई सबसे उम्दा है तो क्यूं नही ज़्यादा से ज़्यादा आई.आई.टी. या एन.आई.टी कॉलेज खोले जाते हैं? आपको कॉलेज के नाम पर 4-5 नये आई.आई.टी थमा दिए जाते है और आप मस्त। पर जरा उन हजारों प्राइवेट कॉलेज के बारे में भी सोचिए जहां इतनी मोटी फीस लेने के बाद भी दोयम दर्जे का इंजीनियर बना कर छोड़ दिया जाता है। इस बात में कोई दो राय नही है कि मीडिया अपना काम नही कर रहा है। वो आपको फालतू की बहसों में फंसा कर रखना चहता है, ताकि आप मुख्य मुद्दो पर न जा सके। आप इसके खिलाफ बोलिए और अगर अभी किसी ने नही बोला तो आप खुद का नुकसान करेंगे ,बाकी आपकी मर्जी।

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