मेरी चाहत मेरे अभिनव राजस्थान में

Posted by Sanjay Rawla
April 2, 2017

Self-Published

1. मुझे मेरे द्वारा शासन को दिए गए टेक्स या कहें कि चंदे से ये दस सुविधाएं चाहियें. ,,,,,,,,,,,,,,,,,>>>>>
स्कूल-कॉलेज ठीक हों, नियमित चलें और सार्थक शिक्षा दें. अस्पताल में सुकून से ईलाज हो और भटकना न पड़े. सड़कें दस साल न टूटें और टोल न लिया जाये. पीने का शुद्ध पानी रोज एक घंटे के लिए घर के नल में आ जाए. बिजली सस्ती मिले, जितने में खरीद हो, उस पर बहुत ही कम लाभ लेकर मुझे दी जाये. पुलिस मुझे सुरक्षा का अहसास दे और मुझे थाने न जाना पड़े. सफाई हो जाए ठीक से. पेड़ हों हर तरफ और नदी-तालाब-पहाड़ बचे रहें. जंगली जीव और पालतू पशु आराम से जियें. मनोरंजन और खेलकूद का अच्छा इंतजाम हो.

यानि मेरे टेक्स से मुझे मेरे परिवार के लिए आवश्यक सेवाएं अच्छे से मिलें, तो टेक्स का अर्थ होगा. शिक्षा-स्वास्थ्य-बिजली-पानी-सड़क-सुरक्षा-सफाई-स्वच्छ वातावरण-मनोरंजन-खेलकूद , ये दस क्षेत्र शासन संभाल ले तो ही शासन है. वर्ना मंत्रियों और अफसरों के खर्चे उठाने की अब हिम्मत नहीं है. बहुत झेल लिया निकम्मापन, बेईमानी, धोखा, धमकी.

राजस्थान के 1.50 लाख करोड़ के सालाना बजट में से वेतन-भत्तों के 31 हजार करोड़ रूपये देने के बाद जो पैसा बचता है, वह मेरे मोहल्ले, गाँव और शहर में काम आता स्पष्ट दिखाई दे. सीधा सीधा. मुझे फर्जी योजनाओं से भ्रमजाल से मुक्ति चाहिए. मुझे सदा मगर सफल शासन चाहिए. मेरे टेक्स का हिसाब चाहिए.

अगर हॉलैंड या ऑस्ट्रेलिया में ऐसा हो रहा है तो मुझे भी यह चाहिए. मैं भी इसी धरती पर हूँ.
(क्रमशः)

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