योगेश शुक्ल के बरसो के लड़ाई का अंजाम . . . .

Self-Published


संघर्ष के दौरान की एक झलक


इलाहाबादजनपद के मेजा तहसील स्थित दशकों से बन्द पड़ी मेजा कताई मिल को पुनः चालू कराने हेतु भारतीय मजदूर संघ से सम्बन्धित कताई मिलों के श्रमिक यूनियनों का एक प्रतिनिधि मंडल भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं रेलयात्री सुविधा समिति के सदस्य योगेश शुक्ल के नेतृत्व में उ.प्र सरकार के उद्योग मंत्री सतीश महाना से मिलकर मांग पत्र सौंपा।


उल्लेखनीय है कि बन्द पड़ी कताई मिलों को चालू कराने, खाली पड़ी जमीन का उपयोग राष्ट्र हित में करने, श्रमिक समस्याओं का समाधान व मिलों के पुनः निर्माण की दशा में कार्य करने हेतु माँग पत्र दिया। श्री शुक्ल ने कहा कि विरोधी दलांे की सरकारों के शासन में जैसे-जैसे प्रदेश बीमार राज्य बना वैसे-वैसे प्रदेश के उद्योग भी बीमार होकर बंद हो गये, जिससे राष्ट्रीय क्षति के साथ ही श्रमिकों का उत्पीड़न व शोषण हुआ। रोजगार के अभाव में कुशल श्रमिकों का पलायन हुआ, इन मिलों को चलाने में घाटा नहीं था वरन नौकरशाहों द्वारा घोटाला किया गया था। गांधीजी के सूत कातने के अनुपालन में प्रदेश के विभिन्न भागों में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देने के उद्देश्य से तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. बी.पी सिंह के कार्यकाल में मेजा कताई मिल स्थापित की गयी थी।

श्री शुक्ल ने कहा कि मेजा कताई मिल बन्द होने से लगभग दो हजार श्रमिक भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैंे। बन्द पड़ी कताई मिल को चालू कराने हेतु भाजपा नेता योगेश शुक्ल प्रतिनिधि मंडल के साथ 17 अप्रैल को पुनः उद्योग मंत्री से मिलेंगे तथा मिल को पुनः चालू कराने हेतु आवश्यक पहल करेंगे

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