वर्तमान शिक्षा व्यवस्था

Posted by rishi0404
April 17, 2017

Self-Published

वर्तमान परिवेश में समाज में दो तरह की शिक्षा व्यवस्था चल रही है पहली हिंदी मीडियम जो सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जाती है दूसरी अंग्रेजी जो प्राइवेट स्कूल में पढाई जाती है
सरकारी शिक्षा जिसमे आज़ादी के 69 साल बीत जाने के बाद भी अगर हम अपने देश के नौनिहालो के लिए बैठने के लिए कुर्सी और मेज नही दे पाये तो गलती उनकी नही गलती उनकी है जिनको हमने कुर्सी पर बिठाया है
उन्होंने गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा की योजना बनाने के अलावा वो सारी योजनाएं बनायीं जिसमें कमीसन बाजी की जा सके और सरकार का पैसा अपनी जेबो में भरा जा सके

दूसरी तरफ है प्राइवेट शिक्षा जिसमे अमीरों के बच्चे पढ़ते है 5 सितारा होटल जैसा स्मार्ट क्लास और पढाई का माहौल और चकाचौंध परसेंट के चक्कर में भागते बच्चे और उनके अभिवावक
इन सब के लिए एक मोटी कीमत चुकाई जाती है जो की गरीब तो सपने में भी नही सोच सकता
हर माँ बाप चाहता है कि उसका बच्चा अच्छे स्कूल में पढ़े पर अच्छे स्कूल का मतलब प्राइवेट स्कूल वो उसके बस की बात नही
सरकार को हर ग्राम सभा में स्कूल खोलने के बजाय 5 किमी के बीच में 1 स्कूल हो पर वो सभी संसाधनों से पूर्ण हो बिजली पानी लैब खेल का मैदान स्मार्ट क्लास सब कुछ हो
सभी प्राइवेट स्कूलों फीस एक जैसी होनी चाहिए
समाज में एक तरह की शिक्षा व्यथा होनी चाहिए इस के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए आखिर ये हमारे देश के भविष्य है
ऋषि कुमार तिलोई अमेठी 7800704040

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