सहकारी संपत्ति का नुकसान करने वाले छात्र

Posted by Arvind Kumar Maurya
April 29, 2017

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केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद आज प्रदेश मे चर्चा का विषय बना है। यह चर्चा विश्वविद्यालय के किसी सम्मान या सेवा कार्य के लिए नहीं छात्रों द्वारा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने पर केंद्रीत हैं।हुआ यूँ की इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हास्टल को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का आदेश जारी किया था। जिस पर विश्वविद्यालय प्रशासन व जिला प्रशासन ने आपस मे बैठक कर हास्टल को वाशआउट करने का हलफनामा दायर किया लेकिन छात्रनेताओं का मानना हैं कि कुलपति प्रो० रतन लाल हांगलू का विरोध करने वाले छात्रों को बाहर निकाल दिया जायेगा। लेकिन वाशआउट पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्राक्टर प्रो० हर्ष कुमार ने इसे अफवाह करार दिया था। इसके बाद भी छात्रों का धरना प्रदर्शन जारी रहा हास्टल खाली कराने का विरोध कर रहे छात्रों को सबसे बड़ा झटका इलाहाबाद हाईकोर्ट से उस समय लगा जब हाईकोर्ट ने सख्त होते हुए जिला प्रशासन को हास्टल खाली करने का आदेश पुनः जारी किया इसके पश्चात प्रदर्शन कर रहे छात्र आक्रोशित होकर हिंसा का मार्ग अपनाया छात्रों ने कल परिवहन कि बस के साथ कई गाड़ियों मे आग लगा दी। तीन घंटे तक विश्वविद्यालय के आस पास का इलाका जंग का मैदान बन गया था। इसके बाद इलाहाबाद एसएसपी शलभ माथुर आरएएफ कमाडेंट दिनेश चंदेल ने भारी भरकम पुलिस के साथ स्वयं सड़क पर उतरे। आरएएफ के जवानों पर छात्रों ने बम से हमला किया तो जवाब मे जवानों ने छात्रों को दौड़ाकर पीटा। हालात को अब सामान्य कर लिया गया हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इलाके को छावनी मे तब्दील कर दिया गया है। लेकिन छात्रों द्वारा सहकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने को लेकर मन मे सवालों के तूफान उठते हैं। आखिर ये छात्र कैसे?…   लेकिन इन छात्रों मे सबसे अधिक वहीं नजर आये जो विश्वविद्यालय मे कभी या बहुत कम दिखते हैं। छात्रों का सेमेस्टर परीक्षाए चल रही हैं ऐसे मे यह घटना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। दोषी चाहे जो हो उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर यह संदेश दिया जाना नितांत आवश्यक हैं कि सरकारी संपत्ति किसी के बाप की नहीं जब मन आये आप आग लगा दीजिए।

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