2020 में लालू नितीश का जाना तेय :हिमांशु शेखर

Posted by Mukesh Kumar
April 24, 2017

Self-Published

 

लालू नितीश को जन अधिकार छात्र परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष हिमांशु शेखर का खुला पत्र

भविष्य को देख,फिर भी हर्षित है
क्योंकि आने वाले 2020 में
लालू- नितीश का जाना सुनिश्चित है।

लालू -नितीश के नाम मेरा खुला चुनौती पत्र:-
विगत 27 मार्च को पटना की धरती पर जालियावाला बाग़ की तर्ज़ पर जिस तरह अपने सत्ता के गुरूर में बिहार के करोड़ो दवे, कुचले, शोषित और पीड़ितों के उम्मीद की आखिरी शख्शियत हर परिस्थितियों में हर दुःख दर्द में साथ रहने वाले ग़रीबो के मशीहा आदरणीय पप्पू यादव जी को जिस अंग्रेजी हुकूमत के तरह कालेपानी की सजा दिलवाई है,शायद यह आप दोनों की ख़ुशी कम खतरे की घंटी ज्यादा है।आपको विश्वाश हो चूका है कि अब मेरी विदाई इनके कारन(पप्पू)तय है।किन्तु आपका हम जैसे समर्पित कार्यकर्ताओ की मनोबल तोड़ने का एक कुत्सित प्रयास है।
तो जरूर याद रखियेगा,सत्ता के गद्दारों ये बिहार की आवाज़ है,और इनके कार्यकर्ता आपलोगों की तरह भारे के टट्टू नही है,हमलोगों का तो एक ही संकल्प है:-

मन समर्पित ,तन समर्पित और यह जीवन समर्पित,
चाहता हु पप्पू भैया ,आपको कुछ और भी दूँ।
के तर्ज़ पर काम करने वाले वो बारूद है,जिसकी लौ अबकी बार आप दोनों जैसे जातिवादी बहरूपयो को स्वाहा करके ही दम लेगी ।
आपने तो सिर्फ एक पप्पू को जेल दिया है,यहाँ तो उनके करोड़ो पप्पू तैयार है ।आज के दिनों में समाज सुधार की दिशा में जागृत हर एक छात्र युवा पप्पू ही तो है।जब सिर्फ एक पप्पू आपकी नींद उड़ा सकता है तो,तो ये करोड़ो पप्पू आपकी नींव क्यों नही गिरा सकता,ये तो कोई अनपढ़ भी समझ सकता है।
अगर हिम्मत हो तो जेल तैयार करवाइये ,करोड़ो पप्पू जेल जाने को तैयार है।और अगर औकात नही है तो 2020 का सुमिरन करिये ,बिहार की जनता विदाई का पुरूस्कार तैयार कर चुकी है,बस पुरूस्कार वितरण दिन का इंतज़ार है।
अब तो बिहार का हर एक छात्र और युवा पप्पू बनकर इस लड़ाई को लरेगा जिसका इतिहास भविष्य में आपकी बर्बादी के रूप में आने वाली पीढ़िया पढ़ेंगी ।
क्योंकि ये सच है:-
उसी ओर ज़माना चलता है, जिस ओर जवानी चलती है।

हम ऐसे कायर नही है जो आपसे छोड़ने या रिहाई की याचना करेंगे भिखारी की तरह आप कोन होते है इतनी बरी शख्शियत का फैसला करने वाले,मालिक जनता है हमारी नज़रो में और उसका ही फैसला आपके बर्बादी का इतिहास लिखेगा।
अन्त में साथियो को समर्पित:-

बिहार के नौजवान एक सैलाब कर देंगे,
आपकी एक एक लाठी का हिसाब कर देंगे,
याद रखना साथियों, ये बदलाव की चिंगारी है,
इसी चिंगारी से एक नया इतिहास लिख देंगे।।

आपलोगों को मेरा ये अविस्मरणीय लेख ,अगर कुछ प्रेरना देता हो तो कृपया करके उनके चाहनेवालो से निवेदन है कि अधिक से अधिक शेयर करके मेरी चुनौती को उनदोनो तक पहुचाने का कष्ट करेंगे,यही उपेक्षा करता हूँ।
आपका अपना:-हिमांशु शेखर(प्रदेश उपाध्यक्ष ),जन अधिकार छात्र परिषद,बिहार।

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