“और भी काम हैं UP में एंटी रोमियो के सिवा”

Posted by Awais Usmani in Hindi, Society
April 11, 2017

उत्तर प्रदेश वैसे तो ताज महल के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन आज-कल प्यार में अपनी जूलियट के लिए ताज महल बनाने की कसम खाने वाले रोमियो ताज महल से ज़्यादा चर्चा में हैं| इसकी वजह देश से सबसे बड़े प्रदेश में सत्ता परिवर्तन है। यूं तो उत्तर प्रदेश में अमूमन सत्ता की हवा का भाव पश्चिम से पूरब की होता है, वहीं अब यह हवा पूरब से पश्चिम की तरफ उल्टी बहने लगी है। यूपी की हवा बदली है तो यूपी बदला हुआ नज़र आने लगा है। हम बात  कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बनाए गए एंटी रोमियो दल की। इस वक़्त यूपी पुलिस चोरों, हत्यारों और लुटेरों को पकड़ने से ज़्यादा रोमियो को पकड़ने में लगी हुई है।

जैसे अगर रोमियों की उनकी जूलियट से मिलने से रोक दिया गया तो प्रदेश की कानून व्यवस्था दुरुस्त हो जायेगी। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार 2015 में बलात्कार के मामले पहले स्थान पर मध्य प्रदेश में 4391की घटनायें, दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र में 4144 तथा तीसरे स्थान पर राजस्थान में 3644 घटनायें हुई। उसके बाद चौथे स्थान पर उत्तर प्रदेश आता है, जहां पर वर्ष 2015 बलात्कार के 3025 सामने आए थे। वहीं महिलाओं से छेड़खानी के मामले में भी यूपी का नाम दूसरे राज्यों से पिछड़ता हुआ नज़र आता है, जैसा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोज़गार के मामले में काफी पीछे नज़र आता है।

वैसे देश में एंटी रोमियो दल कोई पहली बार नहीं बना है, पहले भी 2001 में भाजपा सरकार ने गुजरात में बनाया था। अब वहां पर वह कितना कामयाब हुआ इसका जवाब तो वहां की महिलाओं को ही पता होगा। उत्तर प्रदेश की सरकार ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि अगर वह सत्ता में आए तो प्रदेश में एंटी रोमियो दल का गठन होगा और सत्ता में आने के 24 घंटे के अंदर-अंदर इसका गठन भी हो गया। भाजपा के एंटी रोमियो दल के गठन से लगता है कि उत्तर प्रदेश में रोमियो की तादात बीते वर्षों में ज़्यादा हो गई थी। लेकिन वह किस प्रकार के रोमियों की बात कर रहे हैं? कहीं यह रोमियो लव जिहाद वाले रोमियो तो नही।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एंटी रोमियो दल के गठन के बाद से प्रदेश की कानून व्यवस्था ठीक हो गई। कई शहरों में एंटी रोमियो दल के नाम पर कालेज जाने वाले छात्रों को बिना वजह परेशान किया गया और टीवी पत्रकार उस छात्र को इस तरह से न्यूज़ में दिखा रहे थे जैसे वह भी कोई सच्चा रोमियो ही है। कई जगहों पर तो एंटी रोमियो दल ने अदालत भी लगा दी और रोमियो को जम कर पीटा। जबकि कई जगहों पर भाई-बहिन को पुलिस थाने उठा कर ले आई और माता पिता के आने के बाद उन्हें छोड़ा गया।

बहरहाल, एंटी रोमियो दल बनाने मात्र से उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था ठीक हो गई? क्या अब प्रदेश में रात को हर कोई सकून से सो सकता है? क्या प्रदेश में अब चोरी नहीं होगी? क्या अब हत्याएं बंद हो जाएंगी? क्या अब उत्तर प्रदेश की सभी महिलाएं जो घर में रहती हैं या काम पर जाती हैं या स्कूल और कॉलेज में पढ़ने जाती हैं अपने आपको पूर्ण रूप से सुरक्षित महसूस कर रही हैं? अगर सच में ऐसा है तो देश के हर राज्य को अपने यहां कानून व्यवस्था सही करने के लिए एंटी रोमियो दल का गठन कर लेना चाहिए।

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