लखनऊ के पहले LGBTQ परेड की इन तस्वीरों से आपको इश्क हो जाएगा

नवाबों के शहर में जब समलैंगिक प्राइड परेड का आयोजन हुआ तो राह चलने वाले भी मानों एकबार थम के सबकुछ आंखों में कैद कर लेना चाहते थें। 9 अप्रील को अवध प्राइड कमिटी ने पहली बार लखनऊ में प्राइड परेड का आयोजन किया। उत्तर प्रदेश में पहली बार प्राइड परेड का आयोजन किया गया। प्रेम और अपने हक के इस प्रदर्शन में ना सिर्फ LGBTQ समुदाय के लोग शामिल थें बल्कि हिम्मत बढ़ाने वाली बात ये रही कि उनके घरवाले भी उनके ‘सेक्शुअल च्वाइस’ के समर्थन में जमकर झूमते और गाते दिखे।

सिकंदरबाग़ चौराहे से लेकर हजरतगंज स्थित गांधी पार्क तक परेड ने करीब डेढ़किलोमीटर का सफर नाचते गाते तय किया।

इंद्रधनुषी झंडे, गुब्बारे, ढोल ने सारा माहौल खुशनुमा बना दिया। माय बाडी माई राईट, हमारी आज़ादी हम छीन कर लेंगे, हम झूम कर लेंगे, तारो मारो प्रेम छे, सेम छे सेम छे जैसे नारों ने कई राहगीरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

 

परेड के मुख्य आयोजक दरवेश सिंह यादवेन्द्र ने पूरे आयोजन को काफी भावुक कर देने वाला बताया और कहा कि परिवार वालों का खुलकर समर्थन में आना सही मायने में बहुत प्रेरित करने वाला है।

परेड में फराज़ ने अपने प्लकार्ड पर मैं मुस्लिम हूं और क्वीयर हूं का संदेश लिखकर सबका ध्यान खीचा।

परेड में राम भी शामिल हुए और भगवे रंग के कपड़े में फराज़ के साथ मिलकर कई पूर्वाग्रहों को एकसाथ तोड़ते नज़र आएं।

बाएं-फराज़ और राम परेड के दौरान, दाएं-बच्चों के साथ नज़र आए अभिभावक

प्रेम में बराबरी के हक का संदेश चेहरे पर लगाकर लोगों ने परेड में हिस्सा लिया।

परेड में प्लकार्ड पर LGBTQ समुदाय के लिए बराबरी के हक की लड़ाई को निरंतर लड़ते रहने का संदेश भी दिया गया।

उत्तरप्रदेश और लखनऊ के पहले प्राइड परेड में लगभग 300 लोग शामिल हुए, जो वहां के और देश के अन्य हिस्सों से आए LGBTQ समुदाय के लोगों के लिए काफी हिम्मत देने वाला था।

फोटो और इनपुट-सदफ ज़फऱ, अवध प्राइड लखनऊ

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