पड़ोसी मुल्क के हमलों की निंदा आखिर कब तक केवल कड़े शब्दों में होती रहेगी

Posted by GOVIND SINGH
May 11, 2017

Self-Published


इतनी शहादतों के बाद भी यदि जवाब न दिया गया तो सैनिक सेना में भर्ती होने से कतराने लगेंगे वर्तमान समय में आए दिन सुनने में आता है कि भारतीय सेना की किसी न किसी शाखा की जाए वह CRPF हो CISF हो या BSF हो जवानों की बॉर्डर पर शहादत हो रही है पाकिस्तानी सैनिकों के द्वारा पाकिस्तान की नापाक हरकतों को अंजाम देते हुए भारतीय सीमा पर लगातार की जा रही सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में प्रत्येक दिवस भारत के कई कई जवानों के सहादत की खबर अखबारों में देखने को मिलती है .

देश में कई जगहों से भारत देश के प्रधानमंत्री को उनके पुराने चुनावी समय के वादों को याद दिलाते हुए जब उन्होंने कहा था कि एक के बदले 10 सर लायेंगे पर अब तक भारत के सैकड़ों जवान शहीद हो गए हैं जनाबे-आली नरेंद्र मोदी जी के पड़ोसी मुल्क के लाए गए सर की संख्या व उनके शिनाख्त अब तक अधूरी है.

इन्हीं सभी चीजों से दुखी होकर देश के विभिन्न इलाकों से लोगों ने सरकार की कैबिनेट मंत्री स्मृति इरानी जी को उनके विपक्ष के द्वारा कहे गए उस भाषण की याद दिलाते हुए जिसमें उन्होंने मनमोहन सिंह जी को जब पड़ोसी मुल्क भारत पर आक्रमण करता था तब चूड़ियां भेट करने का मन मोहतरमा का किया करता था इन सब चीजों को याद दिलाते हुए विभिन्न तरह के सांस्कृतिक उपहार भेजे जा चुके हैं जिनमें से एक राष्ट्रीय खिलाड़ी के द्वारा एक हजार एक रुपए प्रधानमंत्री जी की चूड़ियों को खरीदने के लिए माननीय कैबिनेट मंत्री को भेजे जा चुके हैं इसी क्रम में रायबरेली के यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव गोविंद बहादुर सिंह एडवोकेट जी ने भी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री साहिबा को 100 एक रुपए की चेक आदरणीय भारत के प्रधानमंत्री जी को चूड़ियां भेंट करने के लिए भेजी गई हैं तथा हाल ही में एक रिटायर फौजी की पत्नी के द्वारा 56 इंची ब्रा भी प्रधानमंत्री जी को विभिन्न माध्यमों से भेजी जा चुकी है.

जब से केंद्र में एक दल विशेष की सरकार बनी है तब से जहां एक सर्जिकल अटैक का श्रेय लूटते कई दर्जनों नेताओं को देखा जा सकता था आज ऐसी स्थिति में आम जन मानस को सरकार की लाचारी पर बहुत ही दुख हो रहा है.

अभी हाल में ही एक सर्वे के द्वारा अखबारों के माध्यम से पता चला कि सेना की BSF भर्ती में चयनित हो चुके 50% से ऊपर के प्रतिभागियों ने भर्ती होने से मना कर दिया भविष्य में यदि ऐसी घटनाओं की ही पुनरावृति होती रहेगी तो सैनिकों का मनोबल गिरना स्वाभाविक है सैनिकों के मनोबल गिरने से देश की सुरक्षा मैं सेन्ध लगना स्वाभाविक होगा तब देश की अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा ढीली होगी देश की सीमाओं पर चौकसी करने वाला सैनिक अपने गिरते हुए मनोबल के साथ सीमाओं पर शहादत की प्रतीक्षा करेगा.

आदरणीय प्रधानमंत्री सुरक्षा मंत्री साहब आप सब से यह गुजारिश है कि आप सभी सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए कोई ऐसा ठोस कदम उठाते हुए जिससे पड़ोसी मुल्क को सख्त संदेश दिया जा सके जिससे वह बार बार ऐसा करने की हिमाकत ना कर सके केवल कड़ी निंदा करने से निंदा को कड़े शब्दों में करने से बार बार केवल निंदा करने से पड़ोसी मुल्क को सबक सिखाने का प्रयास केवल भारतीय जनमानस को मूर्ख बनाने का प्रयास समझ में आता है.

सैनिकों का मनोबल ना गिरे सैनिक देश सेवा के लिए तत्पर रहें ऐसी स्थिति को बरकरार रखने के लिए आप को पड़ोसी मुल्क को करारा जवाब देना ही होगा.

जय हिंद जय भारत

जय जवान जय किसान

लेखक  पेशे से अधिवक्ता वह एक सामाजिक संगठन आजाद शक्ति सेवा संगठन के संस्थापक प्रमुख भी हैं

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