वो पाँच दिन (पीरियड्स)

Posted by Maneesha Pandey Gautam
May 30, 2017

Self-Published

“चाची आज मेरा दुसरा दिन है।मैं किचन में आ जाऊ?”

B.E. की छात्रा के इस सावाल ने मेरे मन में बहुत सारी दुविधाओं को जन्म दे दिया। कुछ पुरानी बाते याद आ गयी। आठवीं कक्षा मे थी मैं, अजीब तरह का अहसास, अजीब तरह की तकलीफ,सब कुछ अजीब सा। मुझे इसके बारे मे पहले से कोई जानकारी नही थी इसलिए पहली बार खून देखकर बहुत डर गयी थी। कि पता नही मुझे कौन सी अजीब बीमारी हो गयी है।फिर मम्मी ने सब कुछ समझाया, कुछ ज्यादा ज्ञान रखने वाली सहेलियों ने बाताया तब महसूस हुआ की मै अनोखी नही हूँ जिसे ये सब हो रहा है

पर उस समय से लेकर आज तक कई बिना logic के नियमों का पालन कर रही हूँ,कुछ माँ ने बाताए थे, कुछ शादी के बाद सास ने और कुछ जिसे भी कुछ extra पता है उसने।पर जब आज दो बच्चियों की माँ हूँ तो अजीब कशमकश में हूँ कि भविष्य में मै उनके सावालो का क्या जावाब दे पाऊगी । इसलिए अब वजह जानना चाहती हूँ।

इस blog को पढने वाले हर व्यक्ति से मेरा आग्रह है कि इस पर वो अपनी राय रखे ताकि मुझ जैसी अन्य मांओ को भी कुछ नियमों के logic मिल सके।

  • क्यो पीरियड्स, माहवारी, डेटस जैसे शब्दों को सुनकर समाज के पढे लिखे लोग भी अजीब सा reaction देते है।
  • क्यों लडकी को ये सिखाया जाता है कि उसे यह बात औरतो के अलावा सबसे छुपानी है।
  • क्यो पूजा पाठ नही करना है
  • क्यों किचन के पास फटकना भी नही है।
  • क्यो अचार बडी पापड जैसी चीजो को छूना भी नही है।
  • और यदि आप की शादी हो गयी है तो क्यों सिन्दूर नही लगाना है।

ये सारी बाते तो समान्यतः हर भारतीय परिवार में कही जाती है पर कही कही इससे भी ज्यादा भयानक रूप है।जिस बिस्तर पर आप रोज सोते है उस बिस्तर पर नही सो सकते,जमीन पर सोना होता है।पाँच दिनो की अलग खाने की थाली,चाय का कप और पानी की गिलास।गाँवो में और हालत खराब है कही कही महिलाओं को गाय के बाडो में रहना पडता है।महिलाओं को अछूत मान लिया जाता है।

जिस खून को लोग अपवित्र समझते हैं वे यह क्यों नही समझते कि 9 महीने तक माँ के पेट में उसी खून से उनका विकास और पालन पोषण होता है। तो अगर पीरियड्स में निकलने वाला खून अपवित्र है तब तो अपवित्र आप हुए क्योंकि आप बने ही उसी खून से हैं।प्रकृति ने महिलाओं को जो प्रजनन क्षमता प्रदान की है पीरियड्स उसी का एक भाग है। तब इसमे कैसी अपवित्रता??

#WorldMenstruationDay

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