शराबबंदी का पर्यवरण पर प्रभाव

Posted by Prashant Kumar
May 15, 2017

Self-Published

पिछले साल जब बिहार सरकार ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी की घोषणा की तो पुरे देश में फैसले का स्वागत किया गया।प्रंधानमंत्री जी ने भी इस फैसले को अनुकरणीय बताया था एवं इसे जन जन का आंदोलन बनाने के लिए सभी राजनितिक पार्टियों को सहयोग के लिए कहा था।बिहार के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं ने इस पर अपनी ख़ुशी जाहिर की क्योंकि शराब के कारण सबसे ज्यादा फ़ज़ीहत उन्ही को झेलनी पड़ती थी।

 शराबबंदी तो ठीक था पर इसके तरीकें गलत है जिसपर बहुत कम लोगों का ध्यान जा रहा है जो कि दुखद है।आये दिन ख़बरें आ रही है कि अमुख जिला में डीएम ने अपने देख रेख में रोडरोलर से शराब के बोत्त्लों को नष्ट करवाया।कहीं-कहीं बुलडोज़र एवं ट्रेक्टर का भी प्रयोग किया जा रहा है।तो यहाँ प्रश्न उठना लाज़मी है क्या यह तरीका सही है? मेरा प्रश्न यह है कि जब्त किये गए शराब को ठिकाने लगाने हेतु क्या उसे दूसरे राज्यों में बेचा नहीं जा सकता है जहाँ शराबबंदी लागु नहीं हुई ? इतना आर्थिक नुकसान करना तो बेवजह प्रतीत होता है।जहाँ एक तरफ शराब उत्पादन में बहुत सी संसाधनों का उपयोग होता है एवं इसकी वजह से कार्बन फुटप्रिंट भी बढ़ता है वहां उत्पादित शराब को सड़कों पर इस तरह बहाना बुद्धिमानी तो नहीं है। जो अधिकारी ये काम अपने देख रेख में करवाकर सरकार से वाहवाही ले रहे है एवं अख़बारों में अपनी तस्वीरें देख कर प्रफुल्लित हो रहे है वे कम से कम विचार कर कोई दूसरा रास्ता तो निकाल सकते है।दूसरी बात यह है कि जब इतनी सारी शीशे की बोतलों को इस तरह सड़क पर एवं मिटटी में  चुरा जा रहा उससे कितना नुकसान होगा उसका क्या वे अंदाज़ा नहीं लगा पा रहे है ? ‘रीसायकल’ एवं ‘पुन: प्रयोग’ का तरीका क्या केवल किताबों में लिखने के लिए है? इन पढ़े लिखे अफसरों से तो अच्छे वे गरीब बच्चे है जो नालियों तक से शीशे की बोतलें चुनकर ‘रीसायकल’ में मदद करते है।
ऐसा नहीं है कि ये केवल बिहार में हो रहा है ऐसी ही खबरे गुजरात,मणिपुर एवं अन्य कई जगहों से आयी है।कहीं कहीं तो ये ख़बरें आयी है की इन कचरों को नदियों में बहाया जायेगा,अगर ये खबर सच है तो बहुत चिंतनीय है।अगर नहीं तो फिर भी वे मिटटी में मिलकर आसपास कई सालों तक बने रह सकते है।शराब से तो कोई हानि नहीं होगी परन्तु शीशे अवश्य होगी।क्या इसपर कुछ किया नहीं जा सकता है ?
(चित्र केवल दर्शाने हेतु प्रयोग किया गया है।)

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