बिहार में लड़के वालों से मिलना मतलब UPSC से टफ इंटरव्यू देना

Posted by Deepak Bhaskar in Hindi, Sexism And Patriarchy
May 25, 2017

मैं उससे, शादी नहीं करना चाहती हूँ। उसे दहेज़ लेना है, सामाजिक समझौता करना है, पर मुझे तो शादी करनी है, मेरे सपनों को साकार करने वाले से नहीं बल्कि मुझे, मेरे सपनों को साकार करने देने वाले से। कुछ दिन पहले पटना में एक लड़केवाले मुझे देखने आये थे। उन्होंने पूछा कि खाना बनाना आता है? मैं झूठ नहीं बोल पायी। उन्होंने मेरे घर वालों को खूब सुना दिया कि आपलोगों ने लड़की को खाना बनाना तक नहीं सिखाया। खैर ये अलग बात है कि मेरे मां-बाप ने पटना खाना बनाना सीखने नहीं बल्कि पटना साइंस कॉलेज के केमिस्ट्री लैब में केमिकल रिएक्शन करने भेजा था। कभी-कभार लैब में, मैं इनलोगों के दिमाग को ठीक करने का केमिकल बनाने का प्रयास करती रहती हूँ।

माँ ने दूसरा लड़का भी जल्द ही ढूँढ लिया। लड़का बीपीएससी से माइनर इरीगेशन डिपार्टमेंट में तीस हज़ार महीने वेतन पाने वाला असिस्टेंट एन्जीनीयर है। और दहेज़ की मांग तीस लाख है, साथ में एक भरी सोना, कपड़ा-लत्ता, जूता-मौजा, टोर्च-छाता, ब्रश-जिभिया (टंग क्लिनर)-टूथपेस्ट, सेविंग किट, तेल-साबुन-सेंट, रुमाल-गमछा, चड्डी-बनियान, घड़ी-चश्मा, अंगूठी-चेन इत्यादि अलग से। क्या वो ये सब भी नहीं खरीद सकता? मुझसे मिलने आया, मेरा ऐसा इंटरव्यू कभी किसी परीक्षा के बोर्ड ने भी नहीं लिया। सेलेक्शन बोर्ड को इनसे ट्रेनिंग लेनी चाहिए। मुझ पर सवालों की बारिश शुरू हुई।

एनर्ट गैस कितने हैं? पीरियॉडिक टेबल, किस वैज्ञानिक ने दिया है? ऑक्सीडेशन और रिडक्शन की परिभाषा बताइए? आइसोटोप और आइसोबार में क्या अंतर होता है? माँ बगल में परेशान बैठी थी, इस बार वो मुझे अकेला छोड़कर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी। मैं जबाब दिए जा रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था की मेरी शादी नहीं बल्कि लैब असिस्टेंट की नौकरी लगने वाली है। सिलसिला नहीं थमा, बिहारी गणित पूछे बिना कैसे बाज आता तो, (a+b+c) का क्यूब का फॉर्मूला बताइए? स्पीकर का नाम बताइए? मैंने पूछ लिया किसका, लोकसभा या विधानसभा। माँ ने डाँटते हुए कहा, जो पूछ रहे हैं उसका जबाब दो। अमेरिका का प्रेसिडेंट कौन है और किस पार्टी से हैं? इससे पहले वाला कौन था और किस पार्टी से था? ऐसा लग रहा था कि मुझे अब रेलवे, एसएससी जैसे परीक्षा के लिए टेस्ट सीरीज़ करने कोई ज़रूरत नहीं थी।

अपना बायो-डाटा इंग्लिश और हिंदी दोनों में लिखिए? इंडिया के बारे में दस लाइन लिखिए? अच्छा! भोकेब्लरी बहुत ज़रूरी चीज़ है। मुण्डकोपनिषद को हिंदी में और सुपरस्टीसन को अंग्रेजी में लिखिए? सहसा, स्कूल वाली वंदना मैडम याद आ गयी। आपका क्या एम्बिशन हैं? हम बिहार में हैं, वैसे वेतन के साथ, थोड़ा बहुत ऊपर से आ ही जाता है तो आपको नौकरी करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। उसे, मैं कैसे बताती कि मेरे लिए नौकरी घर चलाने भर की बात नहीं बल्कि आत्म-सम्मान का सवाल है। फिर भी अगर आपकी नौकरी बाहर लग गयी तो जॉब छोड़ सकती हैं?

खड़ा होइए, चल के दिखाइए, हील वाला चप्पल खोलिए, नॉर्मल स्लीपर पहनिए। इतना कैट-वॉक अगर मैं मार्क रोबिनसन के सामने करती तो शायद मॉडल होती। हॉबी क्या-क्या है? खाना बनाने आता है? माँ कूद कर बोली ये सब-कुछ इसी ने बनाया है। अंतिम सवाल! अपने आराध्य भगवान् का नाम लिखिए और जाइये। मैंने झट से “बुद्ध” का नाम लिखा और चल दिया। रुकिए! क्या आप हिन्दू धर्म में विश्वास नहीं करती? माँ ने बस संभाल लिया। मुझे खुद पर घिन आ रही थी। आपका दहेज़ पर लेख, यूथ की आवाज़  में पढ़ा था इसलिए आपको बता रही हूँ। मैं पटना के मंदिर, मजार पर मन्नत भी मांगती हूँ कि मेरी शादी ऐसे लोगों से ना हो, क्योंकि मैं शादी करके खुश नहीं रह पाउंगी।

सोचिये! हम कैसे हो गए हैं। दहेज़ के लिए, हम लड़के ऐसी लड़की से शादी कर रहे हैं जिसके दिल में हम शायद, कभी जगह नहीं बना पायें। हम दहेज ना मिलने के कारण समाज के दवाब में अपने प्रेम की आहूती तक दे देते हैं। हम जैसे हारे हुए लोगों से बना ये पराजित समाज कितने दिन जीवित रह पायेगा?

हमें सीखना चाहिए, मध्य प्रदेश के नारमदी और भील आदिवासी समुदायों से जहां दहेज लेना कलंकित है। शायद इसीलिए उत्तर प्रदेश के लोग मध्य-प्रदेश में अपनी बेटी तो ब्याहते हैं लेकिन बेटे की शादी वहां नहीं करते।

(इस लेख का शुरुआती मुख्य अंश, बिहार की पाठक द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित है। लेखक, उनका आभार के साथ, उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है)

(फोटो आभार- AIB वीडियो)

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