अश्लीलता नही है सफलता का मानक

Posted by Pratima Shukla
June 16, 2017

Self-Published

कहते है वक्ल के साथ दर्शक वर्ग भी बदलता है और आज का दर्शक भी समझदार हो चुका है। अगर आज की तारीख में देखे तो यह अश्लीलता परोसन का हिट फार्मुला पुराना चलन हो गया है। आज दर्शक वर्ग सिनेमाहॉलों में अपनी जेबे खर्च करते है। तो वे अच्छी फिल्में देखना चाहते है न की अश्लीलता अभी हाल ही में आयी फिल्म हिस्स और न जाने ऐसी कई फिल्मों में अश्लीलता भरी थी पर फिल्म की कहानी में जान हीं भी और फिल्म सुपर क्लॉप रही। इसी तरह आज की बालीबुड हिरोइनों का मानना है कि बदन दिखाऊ प्रदर्शन करके वे फिल्मों को हिट करा सकती है। एक वक्त था जो हिरोइन जितना ज्यादा बदन दिखाती थी, सकलता उनके कदम चूमते थे। हिरोइनों में एक दूसरे से आगे निकलने के लिए बोल्ड सीन देने लगी और सफल होती गयी।

मल्लिका, तनुक्षी दत्ता, बिपाशा, राखी सावंत ऐसी अभिनेत्रीयां है जो आज सफल है। सफलता की परिभाषा दिन पर दिन बदलती है। आज लोग शरीर कम, किरदार और कला प्रदर्शन देखना चाहते है। और आज ऐसी ही फिल्में और हिरोइनों सफल है। प्रियंका चोपड़ा, माधुरी, काजोल, रानी मुखर्जी, एश्वर्या राय बच्चन ऐसे नाम है। जो एक्पोसर न करने ऐक्टिंग के बलबूते पर नाम और शोहरत कमाया है। अभी हाल में प्रियंका चोपड़ा द्वारा अभिनीत फिल्म ‘‘फैशन’’ को सभी उनकी बेजोड़ एंक्टिंग की वजह से याद करते है। इन सभी अभिनेत्रियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई न की शरीर। यही वजह है। कि आज भी उन्हें सफल हिरोइनों में गिना जाता है।

आज लोग मनोरंजन के नाम पर एक अच्छी कहानी पर बनी फिल्म देखना पसन्द करते है। अगर फिल्म की कहानी अच्छी है। तो फिल्म छोटे बजर की तो या बड़े बजह की। ऐसी फिल्में भी हिट हो जाती है। जो अश्लीलता परोसकर फिल्म को हिट कराने का दावा करते है, आज गलत साबित हो रहे है। कई फिल्में पीपली लाइव, वेलइन अब्बा, उड़ान तेरे बिन लादेन, नो वन फिल्ड जोसिका, तनु वेडस मनु,, बैंड बाजा बारात ऐसी फिल्में रही है जो अपनी स्ट्रांग स्टोरी के कारण ही सफल हुई है।

उड़ान वेलडन अब्बा तेरे बिन लादेन ऐसी फिल्म रही जो छोटे बजर की होते हुए भी बड़ी तमाम फिल्मों को मात दी। फिल्मों की सफलता उसकी फिल्म स्क्रिटर पर ही निर्भर करती है। आज फिल्मों को हिट कराने के लिये एक अच्छी फिल्म स्टोरी होना जरूरी है जो दर्शकों को अपनी से बांधे रखे जो दर्शकों को फिल्म से जोड़ सके। दर्शक अपने ही आस-पास के माहौल को बड़े पर्दे पर देखना पसद करते है। जो रियल लाइफ से जुड़ा हुआ तो। पीपली लाइव, बैंड बाजा बारात फिल्मों में रियल लाइफ से जुड़े मुद्दों को दिखाया गया जो आम जनता अपनी आम जीवन में देखते है। आज लोगों के सोचने का दायरा बढ़ा है।

इस परिवर्तन के पीछे कह सकते है कि टीवी, इन्टरनेट यूजर के बढ़ने के कारण अश्लीलता देखने के लिए कोई भी मनोरंजन के नाम पर ऐसी चीजों पर पैसे नहीं खर्च करना चाहता कोई भी सिनेमा हॉल में अश्लील चीजे देखने के लिए पैसे क्यों खर्च करेगा। जब कि वही चीजे उन्हें नेट पर आसानी से मिल सकती है। आज का दर्शक वर्ग समझदार हो चुका है। वो भी फिल्मों के वास्तविक मायने समझते हुये अच्छी फिल्म स्टोरी की मांग करते है और ऐसी फिल्मों भी आज हिट हो रही है। कह सकते है कि फिल्म को हिट कराने के लिए अच्छी फिल्म स्क्रिप्ट जरूरी है और यही आज का हिट फार्मुला बन गया है।

 

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