इंडिया vs पाकिस्तान मैच

Posted by Shippra Mishra
June 5, 2017

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आज देश में आतंकवाद के अलावा हर जगह सबसे बड़ा विद्रोह जो चल रहा है वो है “जब दुश्मनों से बात तक नहीं हो रही है तो उनके साथ खेल क्यों खेला जा रहा है”….क्या हमारे खिलाड़ी और BCCI वाले हमारे देश के जवानों की शहीदी भूल गए है??? क्या उनके दिल ने पाकिस्तानियों के द्वारा की गयी इस खौफनाक बर्बरता को स्वीकार कर लिया है????

जहाँ अफगानिस्तान ने सिर्फ शक के बिना पर पाकिस्तानियों के साथ हर रिश्ता रखने से मना कर दिया है यहाँ तक कि आज जिस मुद्दे में हमारे देश के लोगों की सोच एक नहीं है उसी मुद्दे पर उन्होंने एकजुट होकर आसानी से निर्णय लिया और उस पर क़याम भी हैं….वहीँ हमारे देश में इस मुद्दे पर बहस चल रही है…..

हमारे देश की एकता को आज क्या हो गया है क्यों आज हमारा देश दो तरह की सोच में विभाजित हो रहा है…..क्या पैसों की कीमत इंसानियत की कीमत से ज्यादा बड़ी हो गयी है….या हम इतने बुज़दिल हो गए हैं कि अपने दुश्मनों का सामना नहीं कर सकते इसीलिए उनसे बार बार वो रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे है जो इतने सालों पर भी बन ना सके…..

माफ़ कीजियेगा पर हम भले ही जुबां से इसे हमारे देश की दरियादिली कहे की हमे युद्ध नहीं, शांति चाहिए ये देख कर भी की “दुश्मन हमे अपने पाऊँ के नीचे दबाने की हर कोशिश कर रहा है” फिर भी हम उसी से हाथ मिलाने की उम्मीद लिए बैठे है ये दरियादिली नहीं, बुज़दिली है…..

ये गांधी जी के ही विचार थे की अगर कोई तुम्हारे एक गाल पर थप्पड़ मारे तो तुम अपना दूसरा गाल भी आगे कर दो….पर इस विचार का ये तात्पर्य कहीं से नहीं था की हम अन्याय के खिलाफ न चले….ये सोच रखने वाले हमारे महात्मा गांधी जी ने भी अंग्रेजों के खिलाफ काम किया था…..उन्होंने हिंसा भले नहीं की पर अन्याय को भूल कर चुप भी नहीं बैठे…उन्होंने अपने देश को सशक्त बनाने के लिए हर वो चीज़ का त्याग किया जो विदेशी थी….

अगर तब गांधी जी ये सोचते कि इन विदेशी चीज़ों से हमारे देश में पैसा आ रहा है या हमारी कमाई हो रही है तो आज भी हम किसी अंग्रेज के घर के टॉयलेट साफ़ करते नज़र आते….

आज देश में फिर यही स्तिथि उत्पन होती नज़र आ रही है एक तरफ पाकिस्तान के साथ मैच खेलना ज़रूरी है क्यूंकि हमे करोड़ों का घाटा ना हो और नहीं खेलना चाहिए क्यूंकि वो देश अपनी निर्दयता की सीमा को लांघ चुका है….

मैं ये नहीं कहती कि क्रिकेट मैच खेलना ही बंद कर दिया जाये पर मैं ये जरूर कहना चाहती हूँ कि जिन पैसों की वजह से हम ये मैच खेलने को आतुर है उसी मैच से पकिस्तान की भी कमाई होगी जो आगे चल कर अप्रत्यक्ष रूप से ही उनके आतंकी मंसूबे को अंजाम देगी…..और फिर हमारे देश के जवानों को शहीद होना पड़ेगा हमारी सुरक्षा के लिए या फिर आज जो कश्मीर के हालात है वो कल को देश के हर एक कोने के होंगे……

हमारे एक मैच नहीं खेलने से कोई ज़्यादा नुक्सान नहीं होने वाला जितना उनसे फिर से किसी अच्छे की उम्मीद रख कर हो सकता है…..ये देश सिर्फ मेरा नहीं आप का भी है इसीलिए सोच और फैसला भी हम सब को मिलकर करना है……दुनिया अभी खत्म नहीं हुयी ऐसे मैच अभी और होंगे….

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